झारखण्ड : भूमि अधिग्रहण बिल को लेकर घेरेगा विपक्ष

रांची : 12 से 15 दिसंबर तक आहूत शीतकालीन का छोटा सत्र भी हंगामेदार हो सकता है इस सत्र में तीन दिन कार्य दिवस है़ सरकार अनुपूरक बजट भी लेकर आने वाली है़ ऐसे में विपक्ष ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी की है़ सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन का मुद्दा ठंडा पड़ा, तो भूमि अधिग्रहण कानून- 2013 में संशोधन गरमाने वाला है़.

झामुमो, कांग्रेस और झाविमो सहित विपक्षी दल राज्य सरकार द्वारा पिछली बार विधानसभा में पारित संशोधन का विरोध करेंगे़ भूमि अधिग्रहण कानून के सोशल इंपैक्ट स्टडी को हटाये जाने का विरोध करेंगे़ विपक्षी दलों का मानना है कि इसे हटाये जाने के बाद रैयतों को उनके अधिकार से वंचित किया जायेगा़ विकास की आड़ में सरकार जमीन का जबरन अधिग्रहण करेगी़ उधर धर्म स्वतंत्र बिल को लेकर भी विपक्ष में उबाल है़ धर्म परिवर्तन रोकने को लेकर लाये गये कानून को विपक्षी दल लोकतांत्रिक नहीं मान रहे है़ं.

स्थानीयता का मुद्दा भी अब तक पीछा नहीं छोड़ रहा है़ विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार की स्थानीय और नियोजन नीति कारगर नहीं है़ बाहर के लोग नौकरियों में आ रहे है़ं विकास कार्यों में सरकारी राशि के दुरुपयोग का मामला भी सदन में उठेगा़ विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार के अधिकारियों को कठघरे में खड़ा करेंगे़ राज्य में विधि-व्यवस्था का मामला भी विपक्ष के विधायक उठायेंगे़

क्या कहते हैं विपक्षी विधायक
सदन के अंदर भूमि अधिग्रहण कानून-2013 में संशोधन का मामला उठाया जायेगा़ सरकार ने इसमें गलत किया है़ सामाजिक सर्वेक्षण का पहलू हटा कर किसानों की जमीन छीनने की साजिश की है़ इसमें विकास से लेकर गृह निर्माण तक की बात की गयी है़ भाजपा सोची-समझी साजिश के तहत निजी कंपनियों के लिए यह सब कर रही है़ इसके साथ धर्म स्वतंत्र विधेयक का मामला भी सदन में उठेगा़ यह कानून समाज को बांटने के लिए लाया गया है़ झारखंडी समाज इसे बर्दाश्त नहीं कर रहा है़ इसके साथ ही विधि-व्यवस्था, वित्तीय अनियमितता जैसे कई मुद्दों को लेकर हम आयेंगे़.
स्टीफन मरांडी, झामुमो विधायक

(साभार : प्रभात खबर)

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