भाजपा सरकार के खिलाफ यशवंत सिन्हा ने खोला मोर्चा

मुंबई। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने अपनी ही भाजपा सरकार के खिलाफ बगावत की आवाज बुलंद कर दी है। किसानों की समस्याओं को लेकर उन्होंने अकोला में मोर्चे का नेतृत्व किया। कलेक्टर कार्यालय के बाहर पहुंचे सिन्हा सहित 250 किसानों को अकोला पुलिस ने कानून की धारा 66 के तहत हिरासत में ले लिया।

हालांकि सिन्हा ने अपनी रिहाई से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि जब तक मांगें मान नहीं ली जाती, वे पुलिस स्टेशन से बाहर नहीं जाएंगे। उन्होंने आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। इधर पुलिस स्टेशन में ही आंदोलन शुरू होने से पुलिस महकमे के हाथ-पांव फूल गए हैं। उन्हें मनाने की कोशिश जारी है लेकिन वे अपनी मांगों पर अडिग हैं।

सिन्हा को सोमवार शाम को हिरासत में लिया गया। बाद में सिन्हा सहित अन्य किसानों को जिला पुलिस मुख्यालय मैदान ले जाया गया। सैकड़ो किसानों के साथ वे अकोला जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर पहुंचे थे। कपास और सोयाबीन की खेती करनेवाले विदर्भ के किसानों के साथ अन्याय होने के विरोध में सिन्हा ने आंदोलन का नेतृत्व किया था। सिन्हा ने चेतावनी दी है कि जब तक किसानों की मांगें मान नहीं ली जाती, तब तक वे वहां से नहीं हिलेंगे।

सिन्हा ने कहा कि किसानों की समस्याओं पर सरकार गंभीर नहीं है। वे कलेक्टर को ज्ञापन देने आए थे लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर पुलिस स्टेशन ले आई, देर रात उन्हें छोड़ देने की बात कही गई। पुलिस उन्हें खुद लाई है। लिहाजा जब तक ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता, वे पुलिस स्टेशन से बाहर नहीं जाएंगे। सिन्हा ने कहा कि पुलिस उन्हें जहां ले जाएगी, वे वहां जाएंगे, लेकिन तब तक हमारी सभी मांगें मान ली जानी चाहिए।

सिन्हा ने कहा कि मंगलवार सुबह तक उनकी किसी भाजपा नेता या सीएम देवेंद्र फडणवीस से बात नहीं हुई। नहीं उनसे कोई मिलने आया और न ही उन्होंने किसी से मिलने या बात करने की कोशिश की। अकोला के जिला पुलिस अधीक्षक राकेश कालासागर के मुताबिक सिन्हा सहित 250 किसानों को हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। बाद में उन्हें जिला पुलिस मुख्यालय मैदान में ले जाया गया।

पीए से बात करने की सलाह
गोंदिया के भाजपा सांसद नाना पटोले ने बताया कि सीएम देवेंद्र फडणवीस से भी बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्हें सीएम के पीए से बात करने की सलाह दी गई। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को ही नजरअंदाज किया जा रहा है।

भाजपा नेता भी सिन्हा के समर्थन में
नाना पटोले के मुताबिक सिन्हा के समर्थन के लिए पार्टी नेता अरूण शौरी, वरूण गांधी और शत्रुघन सिन्हा भी अकोला पहुंचनेवाले हैं। सिन्हा को दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों का भी समर्थन मिला है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और दिल्ली े सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर सिन्हा को समर्थन दिया है। याद दिला दें कि इससे पहले नोटबंदी को लेकर यशवंत सिन्हा भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना कर चुके हैं। नाना पटोले भी किसानों की समस्याएं और कर्ज माफी को लेकर भाजपा सरकार को घेर चुके हैं।

उद्धव और पवार से की बात
इसबीच चर्चा है कि यशवंत सिन्हा ने शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से किसानों की मांगों को लेकर फोन पर बातचीत की। प्रहार संगठन के अध्यक्ष और निर्दलीय विधायक बच्चू कडू ने सिन्हा को समर्थन देने का ऐलान किया है। इधर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने सिन्हा के आंदोलन को आधार बनाते हुए भाजपा सरकार की कड़ी अलोचना की है।

विश्वासघाती है भाजपा सरकार
एनसीपी ने किसानों की उपज को उचित मूल्य देने, कर्ज माफी और अन्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोल आंदोलन कर रही है। एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि असफल सरकार झूठे आश्वासन देकर किसानों को गुमराह कर रही है। विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने कहा कि भाजपा सरकार ने जनता के साथ विश्वासघात किया है। एक से 12 दिसंबर तक भाजपा सरकार के विरोध में एनसीपी ने हल्ला बोल पदयात्रा निकाली है। मंगलवार को यह यात्रा वर्धा के सालोड-हिरापुर पहुंची। इस पदयात्रा में अजित पवार, सुप्रिया सुले सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हैं।

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