कोयला घोटाला : स्पेशल कोर्ट ने चारों दोषियों को सुनायी सजा

नयी दिल्ली : कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले से जुड़े एक केस में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को स्पेशल कोर्ट ने तीन साल की कैद की सजा सुनाई है. 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. वहीं, पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता, झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एके बसु व कोड़ा के करीबी विजय जोशी को भी तीन साल की कैद की सजा सुनायी गयी है. तीनों को अलग-अलग जुर्माना भी भरना पड़ेगा. इसी केस में बिन्नी आयरन एंड स्टील कंपनी पर 50 लाख का जुर्माना लगाया गया है. हालांकि कोर्ट ने सभी दोषियों को एक लाख के निजी मुचलके पर दो महीने की अंतरिम जमानत दे दी. तीन जनवरी तक सभी आरोपियों को जुर्माने की राशि देनी होगी.

स्पेशल कोर्ट के जज भरत पाराशर ने दोषियों को सजा सुनाते हुए कहा सफेदपोशों द्वारा किये गये अपराध सामान्य अपराध की तुलना में अधिक खतरनाक है, क्योंकि इससे अधिक मात्रा में आर्थिक क्षति होती है. दूसरा कि इससे आम लोगों का मनोबल भी प्रभावित होता है. इस आदेश के बाद कोयला आवंटन घोटाले से जुड़े 30 में से चार मामलों का निर्णय हो गया है. इन मामलों में अब तक 12 लोगों और चार कंपनियों को दोषी ठहराया गया है.

गलत तरीके से ब्लॉक आवंटित : सीबीआइ का आरोप है कि बिन्नी आयरन एंड स्टील कंपनी ने जनवरी, 2007 को राजहरा नॉर्थ कोल ब्लॉक के लिए आवेदन दिया था. झारखंड सरकार व इस्पात मंत्रालय ने कंपनी को कोल ब्लॉक आवंटित नहीं करने की अनुशंसा की . फिर भी तत्कालीन कोयला सचिव एचसी गुप्ता व झारखंड के तत्कालीन मुख्य सचिव एके बसु की सदस्यता वाली स्क्रीनिंग कमेटी ने ब्लॉक आवंटित करने की सिफारिश की. इसी को आधार बना कर तत्कालीन कोड़ा सरकार ने इस कोल ब्लॉक को कंपनी को आवंटित कर दिया. सीबीआइ का आरोप है कि इन लोगों ने कंपनी को गलत तरीके से ब्लॉक आवंटित करने की साजिश रची.

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