रायपुर संभाग की दो हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों में बाल अधिकार संरक्षण समितियों का गठन

रायपुर:राज्य सरकार ने बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए ग्राम पंचायतों के स्तर पर भी बाल अधिकार संरक्षण समितियों के गठन की शुरूआत कर दी है। रायपुर संभाग के पांच जिलों की 2160 ग्राम पंचायतों में इन समितियों का गठन किया जा चुका है। ये समितियां 24 विकासखण्डों की ग्राम पंचायतों में बनी है।

इन समितियों में लगभग 15 हजार सदस्य शामिल किए गए हैं। उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए 70 मास्टर टेªनर तैयार किए जा रहे हैं। इन मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण देने के लिए आज यहां नवीन विश्राम भवन के सभाकक्ष में संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने मास्टर ट्रेनरों को सम्बोधित करते हुए कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा सरकार के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है।

इस दिशा में जागरूकता लाने में ग्राम पंचायतों के स्तर पर बाल अधिकार संरक्षण समितियों के सदस्यों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने मास्टर ट्रेनरों से कहा कि वे प्रशिक्षण कार्यशाला में नियम कानूनों के बारे में दी जा रही जानकारी को ठीक से समझें और ग्राम पंचायतों में गठित बाल अधिकार संरक्षण समितियों के सदस्यों को भी इस बारे में बताएं। कार्यशाला में मास्टर टेªनरों को किशोर न्याय अधिनियम 2015, लैंगिक अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम 2012, बाल श्रम उन्मूलन कानून, बच्चों की तस्करी, बाल विवाह की रोकथाम से संबंधित कानून, दत्तक ग्रहण अधिनियम, चाईल्ड हेल्पलाइन 1098 सहित कई नियमों, कानूनों और योजनाओं के बारे जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यशाला में रायपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नीलेश क्षीरसागर सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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