महिला सशक्तिकरण से ही नए भारत का निर्माण होगा : उप राष्ट्रपति

भोपाल :उप राष्ट्रपति श्री एम. वेकैंया नायडू ने कहा है कि महिला सशक्तिकरण से ही नए भारत का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि संसद और विधान सभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने के कानून का सभी राज्यों को समर्थन करना चाहिये। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए कानून के साथ इसे लागू करने की संकल्प शक्ति भी जरूरी है। श्री नायडू आज यहां स्थानीय जम्बूरी मैदान पर महिला स्व-सहायता समूहों के राज्य-स्तरीय प्रशिक्षण सह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

श्री नायडू ने सम्मेलन के आयोजन को ऐतिहासिक, अद्भुत और अपूर्व बताते हुए महिला स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह सुंदरतम् सम्मेलन है। सुंदर मुख्यमंत्री हैं और महिला सशक्तिकरण के लिये एक सशक्त संकल्प लिया गया है। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों से 23 लाख परिवारों को जोड़ने की पहल के लिये भी प्रदेश सरकार को बधाई दी।

श्री नायडू ने कहा कि नारी अब अबला नहीं सबला है और बेटियां अब बोझ नहीं वरदान हैं। वे पूरी क्षमता से विभिन्न क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। देश की रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण हैं। विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज हैं और श्रीमती सुमित्रा महाजन संसद में स्पीकर हैं। उन्होंने कहा कि आज़ादी की लड़ाई में भी महिलाओं ने अप्रतिम योगदान दिया है।

उप राष्ट्रपति ने कहा कि समाज मे महिला सशक्तिकरण के माध्यम से परिवर्तन की लहर आई है। समाज का नज़रिया बदलने की जरूरत है। मध्यप्रदेश ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में इतिहास बनाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा महिलाओं के स्व-सहायता समूहों को बैंक लोन उपलब्ध कराने की पहल सराहनीय है।

श्री नायडू ने कहा कि भारत में महिलाओं को सम्मान दिया जाता है। इसलिये इस धरती को भारत माता कहा गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में महिलाओं को आरक्षण देने और स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण देने से समाज में बड़ा परिवर्तन आयेगा। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर दें तो वे समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकती हैं और अपने अधिकारों की रक्षा स्वयं कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि परिवार में यदि महिलाएं आगे बढ़ें तो पूरे परिवार में समृद्धि लाती हैं।

उप राष्ट्रपति ने कहा कि स्व-सहायता समूह आंदोलन दक्षिण भारत में ही सीमित था। अब इस आन्दोलन ने मध्यप्रदेश में भी तेज गति पकड़ ली है। उन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ आंदोलन को भी आगे बढ़ाने की जरुरत बताते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति पास के कुछ न कुछ प्रतिभा है । इसलिये प्रतिभाओं का पूरा उपयोग किया जाना चाहिए। पर्याप्त प्रशिक्षण देकर आगे बढने के अवसर उपलब्ध कराये जाना चाहिए। उन्होंने इस दिशा में मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मूल मंत्र रिफार्म, फरफार्म और ट्रान्सफार्म को अमल में लाने पर बल दिया है।

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