दक्षिण से लेकर हिंदी फिल्मों में एक्शन के दम पर लोगों के दिलों पर राज करने वाले रजनीकांत अब राजनीति में दिखायेंगे अपना कमाल

 

नई दिल्ली: दक्षिण से लेकर हिंदी फिल्मों में एक्शन के दम पर लोगों के दिलों पर राज करने रजनीकांत आज अपनी नई भूमिका का ऐलान करने वाले हैं. यह पहली बार है जब तमिल फिल्म जगत में एक जबर्दस्त मुकाम हासिल करने वाले करिश्माई अभिनेता ने राजनीति में प्रवेश को लेकर अपनी योजना के बारे में बताने के वास्ते एक तारीख तय की है. 28 दिसंबर को जब उनसे राजनीति में आने को लेकर सवाल किया था उन्होंने कहा, ‘चार दिन इंतजार कीजिये.’ तमिलनाडु के बारे में किसी योजना के बारे में पूछे जाने पर वह अपने अंदाज में हंसे और यहां एक बैंक्वेट हॉल में अपने प्रशंसकों के साथ निर्धारित एक बैठक में हिस्सा लेने चले गये.

  1. जयललिता के निधन के बाद दक्षिण की राजनीति में एक लोकप्रिय चेहरे की कमी महसूस की जा रही थी. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रजनीकांत इस खाली जगह को भर सकते हैं.
  2. राजनकांत इस समय दक्षिण के सबसे बड़े सुपर स्टार हैं. उनकी फिल्मों की इतनी लोकप्रियता है लोग उन्हें ‘अवतार’ से कम नहीं समझते हैं. उन्हीं की तरह कमल हासन भी लोकप्रिय हैं और वह भी राजनीति में आने का ऐलान कर चुके हैं.
  3. 28 दिसंबर को आयोजित एक खास कार्यक्रम में उन्होंने अपने प्रशंसकों से बात की और मीडिया की कई बातों का जवाब दिया.
  4. रजनीकांत पिछले छह दिन से इस तरह की बैठक कर रहे हैं थे. यह इस साल का दूसरा आयोजन है. इससे पहले मई में उन्होंने अपने प्रशंसकों से मुलाकात की थी और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाई थी.
  5. इस कार्यक्रम में सुपरस्टार रजनीकांत ने लोगों के दौलत, शोहरत और ताकत वालों के पैरों पर गिरने के खिलाफ कहा कि किसी को भी सिर्फ ईश्वर और माता- पिता के आगे ही नतमस्तक होना चाहिए.
  6. उन्होंने अपने प्रशंसकों से मुलाकात के तीसरे दिन उन्हें संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमें ईश्वर और अपने माता – पिता के आगे नतमस्तक होना चाहिए, जिन्होंने हमें जीवन दिया है.’’ रजनीकांत ने कहा कि जिनके पास दौलत, शोहरत और ताकत है, उन लोगों के पैरों पर गिरने की कोई जरूरत नहीं है.
  7. 67 वर्षीय अभिनेता ने कहा कि वह अपने प्रशंसकों को मांसाहारी भोजन परोसना चाहते थे, जो यहां उनके राघवेंद्र विवाह भवन में एकत्र हुए थे. लेकिन वहां इसकी इजाजत नहीं थी. उन्होंने अपने प्रशंसकों से कहा, ‘‘चलिए किसी और दिन सही. ’’
  8. रजनीकांत के राजनीति में आने के फैसले पर अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता एवं राज्य के मत्स्यपालन मंत्री डी. जयकुमार ने कहा, ‘‘भारत एक लोकतांत्रिक देश है. कोई भी राजनीति में आ सकता है.  इसे स्वीकार करना या न करना तो लोगों पर निर्भर है. लोग ही जज होते हैं.’’
  9. वहीं हथकरघा मंत्री ओ. एस. मणियन ने नागपत्तनम में पत्रकारों से कहा कि 67 साल के रजनीकांत की सेहत को देखते हुए हो सकता है कि राजनीति उनके लिए आदर्श जगह न हो.
  10. आपको बता दें कि रजनीकांत ने 2011 में सिंगापुर स्थित माउंट एलिजाबेथ मेडिकल सेंटर में अपनी किसी बीमारी का इलाज कराया था. इसके अलावा भी उनका मेडिकल इलाज चलता रहता है.
  11. भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष टी. सुंदरराजन ने कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा राजनीति में रजनीकांत का स्वागत किया है.
  12. माकपा के राज्यसभा सदस्य टी. के. रंगराजन ने कहा, ‘‘वह एक अच्छे दोस्त हैं. कोई भी वोटर उम्मीदवार बन सकता है, पार्टी बना सकता है और चुनाव लड़ सकता है. यह लोकतांत्रिक अधिकार है. लेकिन पहले उन्हें राजनीति में आकर अपनी नीतियां बताने दें, तभी कोई प्रतिक्रिया देना ठीक रहेगा.’’

साभारः nd tv india

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