लोक सुराज अभियान: आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया शुरू

अब तक 11.17 लाख आवेदन पत्र वेब पोर्टल में दर्ज
मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिये ली जिला कलेक्टरों की बैठक

रायपुर:मुख्य सचिव श्री अजय सिंह ने आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिये संभागीय कमिश्नरों और जिला कलेक्टरों की बैठक ली। उन्होंने तीन चरणों में हो रहे इस वर्ष के लोक सुराज अभियान की अब तक की तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों ने मुख्य सचिव को बताया कि लोक सुराज अभियान के प्रथम चरण में 12 से 14 जनवरी तक सभी जिलों में आवेदन संकलन शिविर लगाकर समाधान पेटियों में लोगों के आवेदन लिए गए हैं। इन आवेदन पत्रों को लोक सुराज अभियान के वेब पोर्टल में दर्ज किया जा रहा है। अब तक 11 लाख 17 हजार आवेदन पत्रों को दर्ज किया जा चुका है। इन्हें संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है।

मुख्य सचिव ने सभी जिलो में आवेदनों की एंट्री जल्द पूर्ण कर संबंधित विभागों के प्रमुखों को निराकरण करने के लिए आवेदन भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब द्वितीय चरण में 15 जनवरी से 11 मार्च तक संबंधित विभागों को भेजकर इन आवेदन पत्रों का निराकरण पूरी गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए।

इसके बाद तृतीय चरण में 12 मार्च से 31 मार्च तक समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। मुख्य सचिव ने आवेदन पत्रों के निराकरण के लिए कलेक्टरों को जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का प्रशिक्षण आयोजित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि तीसरे चरण में 12 से 31 मार्च तक आयोजित होने वाले समाधान शिविर में निराकरण की जानकारी आवेदकों को दी जाएगी। मुख्य सचिव ने वीडियों कॉन्फ्रेसिंग के दौरान कलेक्टरों से उनके जिले में लोक सुराज अभियान के तहत आवेदनों के निराकरण के तैयारियों के संबंध में जानकारी ली।

बैठक में राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत सूखा प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को दी जाने वाली फसल क्षति पूर्ति अनुदान राशि का वितरण की जानकारी ली गयी। मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टरों को वितरण के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए है। बताया गया कि इसके लिए 437 करोड़ राशि का आवंटन किया गया है।

बैठक में सभी कलेक्टरों से कहा गया कि वे आबादी भूमि का सर्वेक्षण का कार्य और निस्तार एवं सार्वजनिक भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने का कार्य 31 जनवरी तक पूर्ण करें। बैठक में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत लगभग 6600 किलोमीटर सड़क रख-रखाव का कार्य बरसात के पूर्व सुनिश्चित करने कहा गया है। इसी तरह स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों का नियमित उपयोग करने के लिए हितग्राहियों को प्रेरित करने के भी निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण चार जनवरी से शुरू हो गया है जो दस फरवरी तक चलेगा। बैठक मेें मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टरों से कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यो में तेजी लाए। ग्रामीण विद्युतीकरण के कार्यो में तेजी की जानकारी देते हुए ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही सौभाग्य योजना में हर घर को बिजली देने के कार्य में तेजी के साथ कार्य किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टरों को विद्युतीकरण के कार्य को बेहतर समन्वय से करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री आर.पी.मण्डल, सचिव लोक निर्माण श्री सुबोध सिंह, सचिव राजस्व श्री एन.के.खाखा, सचिव नगरीय प्रशासन डॉ. रोहित यादव, विशेष सचिव ऊर्जा श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, क्रेडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अंकित आनंद एवं संचालक भू-अभिलेख श्री रमेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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