राज्य सरकार ने भूराजस्व संशोधन बिल वापस लेकर हमेशा के लिए आदिवासियों की चिंताओं को खत्म किया : रामविचार नेताम

रायपुर। भाजपा राष्ट्रीय मोर्चा अध्यक्ष राम विचार नेताम ने प्रेसवार्ता कर अपने मोर्चा व सरकार द्वारा किए जा रहे कार्य पर प्रकाश डाला। श्री रामविचार नेताम ने कहा कि समाज के कुछ लोग जिन्हें राजनीति में जनता ने नकार दिया वे अब समाज का चोला ओढ़ समाज को दिग्भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों के भ्रम में आदिवासी नहीं आने वाला है इसके लिए हम अपने मोर्चा के माध्यम से सकारात्मक बातों को अपने वर्ग तक पहुंचा रहे हैं। श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज की बैठक में तय किया गया है कि आदिवासी अंचल बस्तर व सरगुजा में दो बड़े सम्मेलन हमारा मोर्चा करने जा रहा है जिसमें लगभग एक लाख आदिवासी भाई व बहन शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इन 14 वर्षों के शासन में बस्तर व सरगुजा के सुदूर अंचलों को रोड के माध्यम से जोड़कर विकास को पहुंचाया गया है वह भाजपा शासन के बिना संभव ही नहीं हो सकता था। अब बारह महीने इन क्षेत्रों में पहुंचा जा सकता है। बस्तर व सरगुजा में इटरनेट पहुंचाया जा रहा है, नए टावर लगाए जा रहे हैं, 56 लाख मोबाईल बांटे जाएंगे। स्पष्ट है सरकार हर प्रकार की कनेक्टिविटी से इन क्षेत्रों को जोड़ विकास करना चाहती है।
सांसद रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार ने भू-राजस्व संशोधन कानून को वापस लेकर ऐतिहासिक कदम उठाया जिसे समाज संतुष्ट है। भू-राजस्व बिल को लेकर विपक्षी दलों के लोग खासकर कांग्रेसी मानसिकता के रिटार्यड अधिकारियों ने आदिवासी समाज को भड़काने का काम किया जिससे वातावरण दूषित हुआ और सरकार ने इस बिल को वापस लेकर फूट डालो राजकरो मानसिकता वाले तथाकथित समाज सेवकों व कांग्रेसियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। आज की बैठक में अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने सरकार का अभिनंदन किया साथ मात्रात्मक त्रुटि को लेकर जाति प्रमाण पत्र से वंचित रहने वाले लोगों को खुशहाली देने के कार्य के लिए भी साधुवाद दिया।
पत्रवार्ता में मोर्चा अध्यक्ष सिद्धनाथ पैकरा, सांसद विक्रम उसेंडी, पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा, भाजपा महामंत्री सुभाऊ कश्यप, पूर्व विधायक मंतूराम पवार, विकास मरकाम उपस्थित थे।

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