बस्तर और सरगुजा को देश का सर्वाधिक विकसित आदिवासी क्षेत्र बनाएंगे : सौदान सिंह

रायपुर। राष्ट्रीय सहसंगठन महामंत्री सौदान सिंह ने आज बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी में जनजाति मोर्चा बनाने का कारण यह था कि प्रदेश का आदिवासी वर्ग जो कांग्रेस के शासन काल में वंचित व शोषित रहा है उसकी आवाज यह मोर्चा सरकार तक पहुंचाए। उन्होंने कहा कि मोर्चा के सदस्यों को केवल राजनीतिक गतिविधियों तक अपने को सीमित नहीं रखना है अपितु उन्हें समाज के कष्ट और अभावों की चिंता करते हुए विकास का मार्ग प्रशस्त करने में सरकार और समाज के बीच में पुल का काम करना है। उन्होंने कहा कि आज से 14 वर्ष पूर्व तथा कांग्रेस के चार दशक के शासन में आदिवासी भाईयों की क्या स्थिति थी और आज भाजपा के 14वर्षों के शासन में चाहे वह शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, जिलों की स्थापना, तेंदूपत्ता बोनस, 3 लाख से अधिक वन अधिकार पट्टा का वितरण जैसे अभूतपूर्व कार्यों के बदौलत आज जनजाति मोर्चा पूरे विश्वास और उत्साह के साथ आदिवासी भाईयों के बीच जाकर भाजपा के पक्ष में पुन: सरकार बनाने की अपील कर सकता है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों को दृष्टिगत करते हुए हमें हर बूथ पर नये 30 सदस्य बनाने हैं। हमें उन हितग्राहियों का सम्मेलन करना है जिन्हें भाजपा सरकार के विकास कार्यो का लाभ प्राप्त हुआ है, चाहे वह वन भूमि पट्टा से, उज्जवला गैस योजना से हुआ हो। उन्होंने कहा कि हमने पिछले 14 वर्षों में विकास के जो कार्य किये हैं, तथा हमारा लक्ष्य आगामी वर्षों में और अधिक विकास कार्यों के द्वारा बस्तर और सरगुजा क्षेत्र की सूरत को और बेहतर बनाने का है जिससे पूरे देश में यह सर्वाधिक विकसित आदिवासी क्षेत्र के रूप में माना जाए।
भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा की बैठक हुई। बैठक को संबोधित करते हुए अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविचार नेताम ने कहा कि एक लाख कार्यकर्ता मांग स्तरीय दो सम्मेलन बस्तर और सरगुजा संभाग में करेंगे। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों की 29 सीटों पर पूरी ताकत के साथ करेंगे। मोर्चे को सक्रिय कर 29 सीट तथा इसके साथ जहाँ हमारी संख्या अधिक है वहाँ भी हम सकारात्मक परिणाम देंगे। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को मंडल के साथ बूथ स्तर तक लें जाएंगे। इन 14 वर्षो में शिक्षा, स्वास्थ्य, सहित सभी समस्याओं का निदान 14 वर्षो में हुआ है। सरगुजा और बस्तर की कनेक्टिविटी पूरे राज्य के हर क्षेत्र तक गया। सुकमा में कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, इंजिनियरिंग कॉलेज खुले है। इन 14 वर्षों में 2996 अजा छात्रावास 7744 प्राथमिक शाला, 5000 माध्यमिक, 39314 शौचालय बनवायें। जाति प्रमाणपत्र का सरलीकरण , छात्रवृत्ति में 157प्रतिशत की वृध्दि, दिल्ली में ट्राइबल हॉस्टल आदि। 2003 में केवल 17 पुल थे जो अब 489 पुल हो गए है। रेलमार्ग- राज्य सरकार ने दल्लीराजहरा रावघाट रेलमार्ग का निर्माण त्रीव गति से चल रहा है। विमानतल सेवा जगदलपुर तथा अंबिकापुर से वायु सेवा प्रारम्भ हो रही है। दूरसंचार – बस्तर ऑप्टिकल के तहत सभी पंचायत मुख्यालय से जुड़ जाएगी वाईफाई का लाभ 1500 मोबाईल टावर स्थापित हो रहे है। 2003 में पंप कनेक्शन पहले 9205 था जो अभी 56,000 तथा बीपीएल कनेक्शन 1,49,769 से बढ़कर अब साढ़े पांच लाख हो गया है। तेंदूपत्ता संग्राहक पहले 450 और अब 2500 रू. सीधे खाते में आते है, वन अधिकार पत्रों का वितरण 3 लाख 34 हजार हेक्टेयर भूमि का वितरण।
कांग्रेस तथा कुछ विघ्न संतोषी तत्वों ने आदिवासियों की जमीन हड़पने की अफवाह फैलाई। राजस्व संशोधन इस लिए लाया गया था कि उन्हें जमीन का सही तथा त्वरित मुआवजा मिलें और जमीन अधिग्रहण भी सरकारी विकास कार्यो हेतु ही किया जाएगा। सरकार का निर्णय आदिवासियों के लिए इस कारण फायदेमंद होता कि मुआवजा सही राशि का दिया जाता तथा मुआवजा त्वरित मिलता किन्तु दुष्प्रचार के कारण यह भूमि संशोधन वापस लिया गया।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में आदिवासी समाज की बाहुल्यता है। हमारी सरकार ने आदिवासी भाईयों के लिए आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्रों में कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने कहा कि अगले चुनाव में हमारी पार्टी चौथी बार सरगुजा व बस्तर की सभी सीटों में विजयी होकर सरकार बनाने जा रही है। जो काम कांग्रेस पार्टी ने अपने पिछले 60 वर्षों के शासन में नहीं कर पायी वह सभी विकास के काम डॉ. रमन सिंह सरकार ने 14 सालों में कर दिखाया।
उन्होंने कहा कि चार-चिरौंजी के बदले नमक देकर आदिवासियों का शोषण करते थे जिसका अंत डॉ. रमन सिंह की सरकार ने नि:शुल्क नमक वितरित कर किया साथ ही चार-चिरौंजी व महुंआ को वनोपज के रूप में खरीदा और इसे उनके आय का स्रोत बनाया। पहले यातायात के साधनों का अभाव था, संचार की सुविधाएं नहीं थी। लेकिन अब सड़कों का जाल बिछ चुका है आदिवासी क्षेत्रों का तेजी से विकास हो रहा है।
कौशिक ने कहा कि पहले बीजापुर व सुकमा में प्रशासनिक भवन नहीं थे लेकिन अब वहां पर प्रशासनिक भवन का निर्माण हो चुका है। सौर सुजला योजना , उज्ज्वला योजना, स्कूल- कॉलेजों का निर्माण आदि हो चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वहां लोगो को घर बना कर दिया जा रहा है, स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी विकास हुआ स्मार्ट कार्ड से ईलाज की राशि 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दिया गया है।
भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सिद्धनाथ पैकरा ने कहा कि अब हमें बूथ, मंडल, शक्तिकेन्द्र स्तर पर जुड़कर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि हमें सरगुजा और बस्तर जैसे आदिवासी क्षेत्रों में बूथ व गांव-गांव जाकर लोगों का जागरूक करना है।
सांसद विक्रम उसेंडी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के बाद भाजपा ने 2003, 2008 तथा 2013 में जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में डॉ. रमन सिंह की भाजपा सरकार ने लगातार विकास रही है। जनजाति क्षेत्रों में कई विकास योजनाएं चला रही है जिसमें उज्ज्वला योजना, तेंदूपत्ता बोनस, शिक्षा के लिए स्कूल कॉलेज का निर्माण हो रहा है ताकि वहां के लोग जागरूक हो सके।
इस बैठक में प्रमुख रूप से भाजपा राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह, राष्ट्रीय अजजा मोर्चा अध्यक्ष रामविचार नेताम, प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, मोचा-प्रकोष्ठ प्रभारी रामप्रताप सिंह, मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष सिद्धनाथ पैकरा, सांसद विक्रम उसेंडी, कमलभान सिंह, दिनेश कश्यप, मंतू पवार व अन्य मोर्चा पदाधिकारी व प्रदेश भर से आये मोर्चा सदस्य शामिल हुए।

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