झारखंड : 32 हजार गांवों में बनेगी आदिवासी व ग्राम विकास समिति

रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि पानी संचयन के लिए गांवों में डोभा, बोरा बांध और नालियों का निर्माण कराया जायेगा़ यह योजना गांव के लोग ही तैयार करेंगे. वही तय करेंगे कि कहां और कितना निर्माण होगा.

इसके लिए राज्य के 32 हजार गांवों में आदिवासी और ग्राम विकास समिति का निर्माण किया जायेगा. समिति ही विकास का काम देखेगी. कमेटी की अध्यक्ष महिला तथा सचिव 18 से 35 साल के बीच के युवा होंगे.

मुख्यमंत्री सोमवार को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में किसान मेला एग्रोटेक-2018 के समापन के मौके पर बोल रहे थे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेक जिले में पॉल्ट्री फेडरेशन का गठन होगा. महिला समितियों को चार-चार लाख रुपये दिये जायेंगे. उनका अंडा शिक्षा विभाग खरीद लेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल कृषि के भरोसे किसानों की आय दोगुनी नहीं हो सकती है.

इसके लिए कृषि के साथ-साथ बागवानी और पशुपालन भी करना होगा. किसानों की उत्पादन लागत को कम करना होगा. सीएम ने कहा कि आनेवाले वित्तीय वर्ष में केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता कृषि है.

इसके लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करायी गयी है. राज्य सरकार किसानों की आय वृद्धि को ध्यान में रख कर 2019 तक हर गांव में बिजली और पानी पहुंचायेगी.

नहीं होगी चहारदीवारी, बनेगा ऑडिटोरियम : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पूर्व में कुलपति और स्थानीय विधायक द्वारा की गयी बीएयू कैंपस की चहारदीवारी की मांग को इंकार कर दिया.

उन्होंने कहा कैंपस को बचाने की जिम्मेदारी आसपास के गांव के लोगों की भी है. उदघाटन सत्र में राज्यपाल ने भी बीएयू परिसर की चहारदीवारी की मांग की थी. मुख्यमंत्री ने यहां दो हजार लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम बनाने का आश्वासन दिया.

नये महाविद्यालयों के लिए 90 करोड़ रुपये का प्रावधान अगले वित्तीय वर्ष में होने की जानकारी दी.

सॉयल साइंस का राष्ट्रीय स्तर का संस्थान हो : स्थानीय विधायक डॉ जीतू चरण राम ने बीएयू में अंतरराष्ट्रीय स्तर के सॉयल साइंस का एक संस्थान स्थापित करने की मांग सीएम से की. उन्होंने कहा कि बीएयू झारखंड को कुपोषण मुक्त बनाने का प्रयास कर रहा है. इसमें इसको सहयोग करना चाहिए.

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