योगी सरकार ने प्राइवेट स्कूलों पर कसा शिकंजा

योगी

लखनऊः उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगवार काे हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। जिसमें पहला फैसला प्राईवेट स्कूलाें द्वारा की जा रही मनमानी पर लगाम लगाने के लिए लिया गया है।

कैबिनेट फैसले में डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि शुल्क नियंत्रण की एक प्राविधि बने कुछ बिंदु पर नियमावली बनाने का कार्य किया गया है।

बता दें कि इस फैसले में सरकार ने जिन स्कूलाें काे शामिल किया है उनमें सीबीएससी, आईसीएससी के बोर्ड संचालित विद्यालयों को भी शामिल किया है। उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय के नाम से विधेयक लाया गया है।

1-किसी विद्यालय के शुल्क लेने की प्रक्रिया पारदर्शी होगी जिसमें ये चार शुल्क लिया जाएगा।
1- विवरण पुस्तिका शुल्क।
2 – प्रवेश शुल्क।
3- परीक्षा शुल्क।
4 – सयुक्त वार्षिक शुल्क।

इसके अलावा अगर कोई और विद्यालय के वैकल्पिक सुविधा लेता है तो उसका शुल्क उसे अलग से देना होगा। जैसे-वाहन, हॉस्टल, भ्रमण, कैंटीन शुल्क आदि। वहीं इसके लिए फीस का भुगतान तीन बार में देना हाेगा। पहला साल भर की फीस, दूसरी छह माह आैर तीसरी तीन माह का शुल्क लिया जाएगा। विद्यालय काे शुल्क की फीस का रसीद देना पड़ेगा।

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