गोदावरी कावेरी लिंक परियोजना में छत्तीसगढ़ के हितों का पूरा ध्यान रखा जाए: बृजमोहन अग्रवाल

छत्तीसगढ़ के जल संसाधन मंत्री ने परियोजना की बैठक में की मांग

रायपुर, छत्तीसगढ़ के जल संसाधन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने केन्द्र सरकार से गोदावरी-कावेरी लिंक परियोजना में छत्तीसगढ़ के हितो का पूरा ध्यान रखने की मांग की है। उन्होंने आज नई दिल्ली के परिवहन भवन में आयोजित गोदावरी- कावेरी लिंक परियोजना की बैठक में कहा कि इस परियोजना में छत्तीसगढ़ के अधिकारों को पूरी तरह से सुरक्षित रखा जाए। बैठक की अध्यक्षता केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने की। बैठक में छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग के सचिव श्री सोनमणि बोरा और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


श्री अग्रवाल ने कहा कि इस परियोजना के तहत बस्तर क्षेत्र में ऐसी जलसंरचना निर्मित की जाए जिससे बस्तर के स्थानीय लोगों को भी लाभ मिले, चूंकि इसमें छत्तीसगढ़ की इंद्रावती नदी का पानी भी जाता हैं अतः इस परियोजना में हमारा भी पूरा अधिकार बनता हैं। केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने श्री अग्रवाल को आश्वस्त करते हुए कहा कि परियोजना निर्माण में छत्तीसगढ़ के हितो का पूरा ध्यान रखा जाएगा। छत्तीसगढ़ का अधिकार उसके पानी पर भी बना रहेगा। केन्द्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ में सिंचाई क्षमता को बढाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्हांेने कहा कि छत्तीसगढ़ ने सिंचाई क्षमता बढाने की दिशा में अनुकरणीय कार्य किया है। अन्य राज्यों को भी छत्तीसगढ की तरह सिंचाई क्षमता बढ़ाने की दिशा में कार्य करना चाहिये।
जल संसाधन मंत्री श्री अग्रवाल ने बैठक में पोलावरम सिंचाई परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि यदि तेेलगांना में इस परियोजना पर कोई जल संरचना का निर्माण किया जाता हैं तो उसी प्रकार छत्तीसगढ़ में भी यहां के हितों का ध्यान रखते हुए जल संरचना निर्मित की जाए ताकि छत्तीसगढ़ के लोगों को परियोजना का पूरा लाभ मिल सकें। केन्द्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ से जुडे़ विभिन्न विषयों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में उल्लेखनीय पहल की गई है। सिंचाई योजनाओं की रूपांकित क्षमता के अनुरूप सिंचाई सुविधाएं विकसित करने के लिए इन योजनाओं के सर्वेक्षण का काम शुरू हो गया है। सर्वेक्षण के दौरान जियो टैगिंग, ग्रेडिंग, फोटोग्राफी की जा रही है। इन सिंचाई योजनाओं में क्षमता के अनुरूप पानी का संग्रहण करने जरूरी मरम्मत और सुधार कार्य किए जाएंगे। वर्तमान में तीन हजार से अधिक लघु सिंचाई जलाशयों में जरूरत के अनुरूप छोटी-छोटी मरम्मत करने की कार्य योजना तैयार की गई है। सिंचाई जलाशयों की रूपांकित सिंचाई और वास्तविक सिंचाई के बीच के अंतर को दूर करने कार्रवाई की जाएगी।

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