स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पंचक्रोशी यात्रा प्रारम्भ

काशी (खबरीलाल सुदीप्तो चटर्जी):पूज्य दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने काशी के मणिकार्णिका घाट से संकल्प कर मंदिर बचाओ आन्दोलनम हेतु पंचक्रोशी यात्रा आरम्भ किये। स्वामिश्री के साथ उनके सहायक मयंक शेखर मिश्रा, ब्रह्मचारी ज्योतिर्मयानंद, श्रीविद्या मठ के बटुक व अन्य काशी वासी मंदिर बचाओ आन्दोलनम हेतु स्वामिश्री के साथ 26 मई सुबह मणिकार्णिका घाट से कंधवा तक 15 कि.मि. की पदयात्रा किये तथा शाम को कंधवा से भीमचण्डी तक 15 किमी की और पदयात्रा किये जिससे काशी वासी जागृत हो कि काशी के मंदिर जो पुराणों में वर्णित है उन्हें तोड़े जा रहे हैं जिसमे तीन प्राचीन विनायक मंन्दिरों को विकास के नाम पर तोड़ दिए गए हैं। पूज्य स्वामिश्री का जगह जगह लोगों द्वारा माला पहनाकर स्वागत किया गया तथा मंदिर बचाओ आन्दोलनम को समर्थन देने की बात स्वामिश्री से कहा। स्वामिश्री रात्रि विश्राम भीमचण्डी में किये तथा अल सुबह 5 बजे पदयात्रा भीमचण्डी से शुरू होकर रामेश्वरम तक किये। भीमचण्डी से रामेश्वरम के बीच पड़ने वाले गांवों के लोग अपने घरों से निकलकर स्वामिश्री का स्वागत किये और समर्थन कि बात कही। पूज्य स्वामिश्री काशी नगरी के प्राचीन धरोहरों को बचाने हेतु नंगे पांव पदयात्रा कर रहे हैं साथ ही उनके साथ पदयात्रा में शामिल साधु, संत, बटुक व नागरिक भी नंगे पांव तप्ती गर्मी में पदयात्रा कर रहे हैं जिससे पुराणों में वर्णित मन्दिरों को बचाया जा सके तथा विकास के नाम पर विनाश बन्द हो । इसके साथ ही काशी को अपने मूल स्वरूप में ही रहने दिया जाए जिस हेतु देश विदेश के लोग, श्रद्धालु काशी नगरी के प्राचीन मंदिरों के साथ साथ गलियों का भी भ्रमण करते हैं।

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