डीएमएफ की राशि का विकास कार्यों में उपयोग करने में छत्तीसगढ़ पूरे देश में अव्वल

रायपुर : मुख्य सचिव श्री अजय सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित बैठक में बताया गया कि जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की राशि से प्रदेश के खनिज बहुल विभिन्न जिलों में विकास कार्यो के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ पूरे देश में पहले नम्बर पर है।

छत्तीसगढ़ में इस न्यास में अप्रैल 2018 की स्थिति में 2826 करोड़ रूपए जमा है। डीएमएफ की राज्य स्तरीय समीक्षा समिति की इस बैठक में बताया गया कि न्यास द्वारा 3551 करोड़ रूपए के 30 हजार 24 विकास कार्य स्वीकृत किये गए है। बैठक में जिला खनिज संस्थान न्यास द्वारा किये जा रहे कार्यो एवं उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गयी।

मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ऐसे विकास कार्य जो प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवश्यक है और जिनके लिए विभागीय बजट की कमी है उनका आंकलन करें और डीएमएफ से इस कार्य की स्वीकृति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा है कि जिला खनिज न्यास निधि के आडीट का कार्य सितम्बर माह तक पूरा कर लिया जाए। उन्होंने डीएमएफ कोष से अधिक से अधिक विकास कार्यो को स्वीकृत किये जाने की बात कही है।

बैठक में खनिज संसाधन विभाग के सचिव श्री सुबोध सिंह ने जानकारी दी कि खदान क्षेत्र के प्रभावित परिवारों और क्षेत्र के विकास के लिए राज्य के प्रत्येक राजस्व जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास का गठन किया गया है। जिसके द्वारा खनन से प्राप्त रायल्टी का उपयोग प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यो के लिए किया जाता है।

राज्य में कुल 88 गांव है, जो खनन कार्यो से प्रभावित है। इन्हें आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्ष 2015-16 से अब तक खनिज न्यास निधि के रूप में 2826 करोड़ रूपए प्राप्त हुए है। जिनमें से 3551 करोड़ रूपए के 30 हजार 24 कार्य स्वीकृत किये गए हैं। स्वीकृत कार्यो में से 1841 करोड़ रूपए के 10 हजार 956 कार्य पूरे किये जा चुके है।

शेष कार्य प्रगति पर है। बैठक में बताया गया कि प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए उच्च प्राथमिकता वाले कार्यो के लिए 60 प्रतिशत और अन्य कार्यो के लिए 40 प्रतिशत राशि न्यास निधि से स्वीकृत की जाती है। प्राथमिकता वाले कार्यो में पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि एवं अन्य संबंधित गतिविधियां, महिला एवं बाल कल्याण, वृद्ध एवं निःशक्तजन कल्याण, कौशल विकास एवं रोजगार, स्वच्छता को शामिल किया गया है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर, सचिव खनिज साधन श्री सुबोध सिंह, सचिव स्कूल शिक्षा श्री गौरव द्विवेदी, आवास एवं पर्यावरण सचिव श्री संजय शुक्ला, पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री पी.सी. मिश्रा, विशेष सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी पी. अन्बलगन, विशेष सचिव आदिम जाति विकास श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले,विशेष सचिव खनिज श्रीमती अलरमेल मंगई डी सहित अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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