नाचा-गम्मत के जरिए ग्रामीणों को दी जाएगी आयुष्मान भारत, एचआईवी एड्स और मौसमी बीमारियों से बचाव की जानकारी

रायपुर-स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश के लोगों को स्वास्थ के प्रति जागरूक बनाने के लिए नाचा-गम्मत के जरिए गांव-गांव में आयुष्मान भारत योजना, एचआईवी एड्स सहित मौसमी बीमारियों से बचाव की जानकारी दी जाएगी। पकलू-भकलू खूब कमाये, बम्बई में रहिके मजा उड़ाये जैसे पंक्ति को लेकर पकलू-भकलू पर आधारित छत्तीसगढ़ी, हल्बी इत्यादि स्थानी बोली में स्क्रिप्ट तैयार किया गया है। प्रदेश के लगभग 537 गांव में इन योजनाओं और बीमारियों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए 100 से अधिक कलाकार स्थानीय बोली में नाचा-गम्मत का प्रशिक्षण ले रहे हैं।अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के 14 जिले के 112 कलाकारों को आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागृह में प्रशिक्षित किया गया। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत, 40 लाख परिवारों को प्रति परिवार प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का कैशलेश उपचार की सुविधा, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, एचआईवी, एड्स के बचाव तथा नियंत्रण सहित मौसमी बीमारी उल्टी-दस्त, डायरिया आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन कलाकारों द्वारा नाचा-गम्मत और नुक्कड़-नाटकों के माध्यम से गांव-गांव जाकर  लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जागरूक करेंगे। 11 से 13 जुलाई तक तीन दिवसीय 28 कलादल के 112 कलाकारों को राज्य स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपरु, राजनांदगांव, बालोद, महासमुंद, धमतरी, कोरबा, रायगढ़, बस्तर, जांजगीर-चांपा, मुंगेली तथा बलौदाबाजार जिले के कलाकार शामिल हैं।

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