साइबर आतंकवाद से निबटना बड़ी चुनौती : राजनाथ सिंह

रांची : केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के लिए अब साइबर टेररिज्म भी एक बड़ी चुनौती है. सुरक्षा में लगे अर्द्धसैनिक व अन्य पुलिस बलों को इससे निबटने के लिए तकनीकी तौर पर दक्ष होना जरूरी है. आज कंप्यूटर, लैपटॉप का उपयोग प्रमुखता से हो रहा है.
ऐसे में हैकिंग का खतरा हर वक्त बना रहता है. किसको कौन हैक कर लेगा, यह कोई नहीं जानता. गृह मंत्री रविवार को रांची में थे. धुर्वा में सीआइएसएफ के पूर्वी सेक्टर मुख्यालय भवन के उदघाटन व आवासीय परिसर के शिलान्यास के मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सीआइएसएफ में और 35 हजार लोगों की भरती की जायेगी. सीआइएसएफ की कार्यबल क्षमता 1.45 लाख है, जिसे बढ़ा कर जल्द ही 1.80 लाख कर दिया जायेगा. इसे अभी और बढ़ाने की जरूरत है.
बढ़ा है सीआइएसएफ का दायरा : गृह मंत्री ने कहा : आधारभूत संरचना सुदृढ़ होने से सीआइएसएफ की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी. पहले सीआइएसएफ सिर्फ औद्योगिक सुरक्षा के काम में लगी थी. अब इसके काम का दायरा बढ़ गया है. नक्सली इलाके, एयरपोर्ट, परमाणु संयंत्र, बंदरगाह सहित अन्य क्षेत्रों में सुरक्षा का दायित्व इस फोर्स पर है.
यहां तक कि यूनाइटेड नेशन में भी शांति बहाली के लिए सीआइएसएफ की मदद ली जाती है. जब कभी संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक बलों के लिए कर्मियों की आवश्यकता होती है, तो ध्यान सीआइएसएफ की ओर जाता है. उन्होंने कहा : सीआइएसएफ को आतंकवाद से निबटने में भी सक्षम बनाने की आवश्यकता है. इसमें महिलाओं की भागीदारी 5.04 प्रतिशत है. इसे और बढ़ाना चाहिए.
आर्थिक विकास की ओर बढ़ रहा देश : राजनाथ सिंह ने कहा : देश तेजी से आर्थिक विकास की तरफ बढ़ रहा है. अभी भारत की अर्थव्यवस्था दो ट्रिलियन डॉलर है. सात-आठ साल में पांच ट्रिलियन डॉलर होने की संभावना है. 10-15 साल में भारत विकास के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच जायेगा. देश का यह आर्थिक विकास राष्ट्र विरोधी ताकतों को पसंद नहीं आ रहा है. वह इसे प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. देश ने इस चुनौती को स्वीकार किया है.

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