साढ़े चौदह साल से सरकार लगातार जनता के बीच: डॉ. रमन सिंह

रायपुर, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सावन की झड़ी के साथ नई योजनाओं की भी झड़ी लग गई है और सबसे ज्यादा खुशी की बात यह है कि सारी घोषणाओं पर और निर्णयों पर तेजी से अमल हो रहा है। मुख्यमंत्री आज सवेरे आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ‘रमन के गोठ’ की 36वीं कड़ी में जनता को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा-वैसे तो हमारी सरकार विगत लगभग साढ़े चौदह साल से लगातार जनता के बीच है, लेकिन विगत चार महीनों से लोक सुराज और विकास यात्रा जैसे अभियान बड़े पैमाने पर चलाए गए, जिनसे जनता की नई मांगों और आकांक्षाओं का पता लगाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा – सरकार एक साथ कई मोर्चो पर काम करती हैं और अनेक विषयों पर निर्णय लेने तथा क्रियान्वयन की प्रक्रिया भी चलती रहती है। यह एक सुखद संयोग है कि सावन की झड़ी के साथ नई योजनाओं की भी झड़ी लग गई है और सबसे ज्यादा खुशी की बात ये है कि सारी घोषणाओं पर और सभी निर्णयों पर तेजी से अमल हो रहा है।
संचार क्रांति से राज्य में स्मार्ट फोन वाली
आबादी 29 प्रतिशत से बढ़कर होगी लगभग शतप्रतिशत
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने संचार क्रांति योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा – इस योजना के तहत 50 लाख स्मार्ट फोन बांटे जा रहे हैं और 1600 मोबाइल टावरों की भी स्थापना होगी। उन्होंने कहा – 50 लाख में से 40 लाख स्मार्ट फोन महिलाओं को दिए जा रहे हैं। इनका वितरण सामाजिक-आर्थिक जनगणना के आधार पर पात्रता रखने वाले हितग्राहियों को किया जा रहा है। अब इसमें थर्ड जेण्डर के हितग्राहियों को भी शामिल कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा – छत्तीसगढ़ सरकार की संचार क्रांति योजना देश और दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल कनेक्टिविटी देने वाली योजना है। इसके जरिए राज्य में स्मार्ट फोन का उपयोग करने वाली आबादी 29 प्रतिशत से बढ़कर लगभग शतप्रतिशत हो जाएगी। डॉ. सिंह ने कहा – वास्तव में इस योजना से गांव, गरीब, किसान, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग तथा महिलाओं तथा युवाओं का सशक्तिकरण होगा।
किसानों के लिए सहज बिजली बिल स्कीम: फ्लैट रेट पर भुगतान सुविधा
मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए कृषक जीवन ज्योति योजना के तहत सिंचाई पम्पों को फ्लैट रेट की आसान दर पर बिजली देने के निर्णय का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा – इस नई पहल को सहज बिजली बिल स्कीम के नाम से जाना जाएगा। हमें विरासत में सिर्फ 72 हजार सिंचाई पम्प कनेक्शन मिले थे। हमने किसानों को अपनी पहली प्राथमिकता में रखा। इससे राज्य में सिंचाई पम्प कनेक्शनों की संख्या लगभग पांच लाख हो गई। राज्य सरकार ने देखा कि कृषक जीवन ज्योति योजना से किसानों को बहुत लाभ मिल रहा है, लेकिन इस योजना में पात्रता के लिए रखे गए कुछ मापदण्डों के कारण कुछ किसान भाई योजना का लाभ उठाने से वंचित रह जाते थे। हमने ताजा निर्णय लेकर सारी सीमाओं को समाप्त कर दिया है। अब प्रदेश के सभी किसानों के सभी पम्पों को क्षमता की खपत की सीमा के बिना फ्लैट रेट से भुगतान की सुविधा मिलेगी। किसानों को उनकी पसंद के विकल्प के अनुसार पम्प की क्षमता और संख्या के आधार पर बिजली देने के लिए फ्लैट रेट की आसान दरें तय की गई हैं। मुख्यमंत्री ने रेडियो श्रोताओं को बताया कि पांच हॉर्स पावर तक के दूसरे पम्प को और पांच हॉर्स पावर से ज्यादा के पहले और दूसरे पम्प को 200 रूपए प्रति हॉर्स पावर तथा पांच एचपी तक के और पांच एचपी से ज्यादा के सिंचाई पम्प के लिए 300 रूपए प्रति हॉर्स पावर मासिक फ्लैट रेट पर बिजली मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा – कृषक जीवन ज्योति योजना के तहत राज्य सरकार की यह नई पहल ‘सहज बिजली बिल स्कीम’ के नाम से जानी जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए विकल्प प्रस्तुत करने की अवधि 31 मार्च 2019 तक निर्धारित की गई है।
कर्मचारियों के हित में सरकार ने लिए कई फैसले
डॉ. रमन सिंह ने आज की अपनी रेडियो वार्ता में सरकारी कर्मचारियों, संविदा महिला कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों के हित में सरकार की ओर से लिए गए ताजा फैसलों की भी जानकारी दी। उन्होंने श्रोताओं को बताया कि एक जनवरी 2016 से सीधी भर्ती के पदों पर 30 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को चार स्तरीय वेतनमान दिया जाएगा। हर साल लगभग दस हजार कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। डॉ. सिंह ने कहा – राज्य कर्मचारियों के लिए हमारी ही सरकार ने एक अप्रैल 2006 से तीन स्तरीय समयमान वेतनमान लागू किया था, जिससे कर्मचारियों को काफी लाभ हुआ था। अब एक कदम और आगे बढ़ाते हुए हमने चार स्तरीय वेतनमान लागू कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के 18 महीने के एरियर्स की बकाया राशि 3300 करोड़ रूपए का भुगतान छह किश्तों में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा – काम-काजी गर्भवती बहनों को प्रसूति के समय विशेष देख-रेख और खान-पान की जरूरत होती है। ऐसे समय में उनकी आर्थिक स्थिति और उनका मनोबल भी मजबूत रहना जरूरी है। पूर्व में संविदा में कार्यरत ऐसी महिला कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट से गुजरना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने कहा – इस स्थिति को देखते हुए हमने सरकारी महिला कर्मचारियों की तरह संविदा महिला कर्मचारियों को भी वेतन सहित प्रसूति अवकाश देने का फैसला किया है। सीधी भर्ती के तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकम्पा नियुक्ति के लिए दस प्रतिशत के सीमा बन्धन को एक बार के लिए डेढ़ माह तक शिथिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा – पुलिस कर्मचारियों को व्यावहारिक जरूरतों को ध्यान में रखकर कई नये फैसले लिए गए हैं। उनकी वर्दी से संबंधित कुछ चीजें विभाग द्वारा दी जाएंगी और शेष चीजों के लिए संबंधित पुलिस कर्मी को कुछ धन राशि का नगद भुगतान हर साल किया जाएगा। व्यापक संचार सुविधा देने के लिए प्रत्येक पुलिस कर्मचारी को सीयूजी में शामिल किया जाएगा। घटना स्थल पर तुरंत पहुंचने में सुविधा की दृष्टि से आरक्षक से लेकर निरीक्षक स्तर तक सभी कर्मचारियों को हर महीने रिसपॉन्स भत्ता दिया जाएगा। मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजना के तहत दस हजार मकान बनाने का निर्णय लिया गया था, इनमें से एक हजार से भी ज्यादा मकान पूर्ण हो चुके हैं और उन्हें आवंटित भी किया जा चुका है। शेष मकान पूर्णता की ओर हैं। अब इस योजना के दूसरे चरण में दो साल के भीतर दस हजार मकान बनाए जाएंगे। इससे उनकी आवास समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी।
नाई समाज के लिए केश शिल्पी कल्याण बोर्ड
मुख्यमंत्री ने कहा – नाई समाज की सेवाओं की जरूरत हर व्यक्ति को होती है। यह समाज स्व-रोजगार के माध्यम से अपनी आजीविका कमाता है। हमने महसूस किया कि इस समाज की सामाजिक-आर्थिक बेहतरी के लिए नये प्रयासों की जरूरत है। डॉ. सिंह ने कहा – इसके लिए समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के गठन का निर्णय लिया गया है, जो केश शिल्प कामगारों के सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए नीति बनाकर अनुसंशा सरकार को प्रस्तुत करेगा।

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