व्यवसाय के पीछे कोई न कोई ग्रह अवश्य होता जाने ज्योतिष में क्या है आप का योग

रायपुर ,किसी भी व्यवसाय के पीछे कोई न कोई ग्रह अवश्य होता है, अगर वह ग्रह अच्छा है तो व्यवसाय भी उन्नति करता है और अगर ग्रह कमजोर हो तो कारोबार बंद होने की कगार पर आ जाता है।
कभी-कभी किसी ग्रह के असर से व्यवसाय संबंधित ग्रह गड़बड़ा भी जाता है। ऐसी स्थिति में कारोबार में उतार-चढ़ाव आने लगते हैं। इसलिए किसी भी कारोबार को शुरू करने से पहले ज़रूरी है कि आप कारोबार संबंधित ग्रहों की स्थिति और उसकी दशा के बारे में ज़रूर जान लें। आपका व्यवसाय कितना वृद्धि करेगा , यह इसी पर निर्भर करेगा।

जानिए ज्योतिषाचार्य डॉ. विश्वरँजन मिश्र से कि किस तरह के व्यवसाय से कौन-सा ग्रह जुड़ा होता है और कौन-से उपाय आपके कारोबार को बुलंदियों तक पहुंचा सकते हैं।

वस्त्रों का व्यवसाय

यह व्यवसाय बहुत सारे ग्रहों से संबंध रखता है लेकिन मुख्य रूप से यह शुक्र का व्यवसाय है। इस व्यवसाय को बेहतर करने के लिए :-
👉सुबह और शाम शुक्र के मंत्र का जाप करें।
👉स्फटिक की माला गले में धारण करें।
👉हर शुक्रवार को मां लक्ष्मी को सफ़ेद मिठाई का भोग लगाएं।
👉जहां तक हो सके काले रंग के प्रयोग से बचें।

खाने-पीने की चीज़ों का व्यवसाय

अनाज का व्यवसाय मुख्य रूप से बृहस्पति से जुड़ा है. पके हुए भोजन के पीछे शुक्र की भूमिका होती है वहीं जलीय खाद्य के पीछे मुख्य रूप से चन्द्रमा होता है। हर तरह के खाद्य पदार्थ के व्यवसाय में सफलता के लिए :-
👉श्री कृष्ण की उपासना करें ।
👉सुबह और शाम 108 बार ‘क्लीं कृष्ण क्लीं’ का जाप करें ।
👉 हर रोज़ माथे पर सफ़ेद या पीला चन्दन लगाएं।
👉अपने पास पीले रंग का एक रेशमी रुमाल रखें।

मेकअप या महिलाओं से संबंधित व्यवसाय

यह व्यवसाय शुद्ध रूप से शुक्र से संबंधित है, हालांकि कभी-कभी इसमें चन्द्रमा की भूमिका आ जाती है। इस व्यवसाय में सफलता के लिए :-
👉कार्यस्थल पर देवी लक्ष्मी की स्थापना करें।
👉 हर सुबह मां लक्ष्मी को गुलाब का सुगंध वाला इत्र अर्पित करें।
👉इसके बाद ‘ऊँ श्रीं श्रियै नमः’ का जाप करें।
👉 हर शुक्रवार शाम को देवी को सफ़ेद सुगंधित फूल अर्पित करें।

जमीन, निर्माण या ठेकेदारी का व्यवसाय

इस व्यवसाय का मुख्य ग्रह है मंगल। अगर यह कमजोर हुआ तो व्यवसाय डूब जाता है या फिर मंगल के कमजोर होने पर कर्ज़ भी बढ़ता जाता है। इस व्यवसाय में सफलता के लिए :-
👉रक्तिम वर्ण के हनुमान जी की स्थापना करें।
👉हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं।
👉उच्चारण कर ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ करें।
👉मंगलवार को मजदूरों को हलवा पूरी बांटें।

शिक्षा, सलाहकारिता का व्यवसाय

यह व्यवसाय बुध, बृहस्पति और शुक्र से संबंध रखता है लेकिन मुख्य रूप से बृहस्पति का व्यवसाय है। इस व्यवसाय में सफलता के लिए :-
👉भगवान शिव की उपासना कीजिए।
👉हर सुबह शिव जी को सफ़ेद या पीले फूल चढ़ाएं।
👉इसके बाद ‘ऊँ आशुतोषाय नमः’ का जाप करें ।
👉अपने कार्यस्थल का रंग हल्का पीला या सफ़ेद रखें।

लोहे, कोयले या पेट्रोल का व्यवसाय

यह व्यवसाय शनि और कुछ हद तक मंगल का है। इस व्यवसाय में सफलता के लिए :-
👉एक लोहे का छल्ला जरूर धारण करें।
👉 दाहिनी कलाई में काला रेशमी धागा बांधें या फिर काली स्ट्रैप वाली घड़ी पहनें।
👉 प्रतिदिन रात में 108 बार ‘ऊँ शं शनैश्चराय नमः’ का जाप करें।
👉 शनिवार को तिलयुक्त भोजन का दान करें।

अगर आप कुछ व्यवसाय शुरू करने से जा रहे हैं तो अपनी कुंडली में इन ग्रहों को स्थिति और उनकी दशा के बारे में जरूर पता लगा लें।
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भविष्यवक्ता
(पं.) डॉ. विश्वरँजन मिश्र, रायपुर
एम.ए.(ज्योतिष), बी.एड., पी.एच.डी.
मोबाईल :- 9806143000,
8103533330

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