टिकटों का कारोबार कर रही कांग्रेस- कौशिक

रायपुर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस के दावेदारों से 50 लाख की रिश्वत मांगे जाने के मामले में कांग्रेस पर करारा हमला बोलते हुए कहा है कि ”यहां तहजीब बिकती है, यहां फरमान बिकते हैं, जरा तुम दाम तो बोलो, यहां ईमान बिकते हैं…।ÓÓ कांग्रेस में कुछ तो हो रहा है जो टिकट की सौदेबाजी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सारे ऐसे संदिग्ध फोन आखिर भूपेश के पास ही क्यों जाते हैं? ये राजनीतिक दल चला रहे हैं या अडरवल्र्ड? ये सवाल इसलिए भी पैदा हो रहे हैं क्योंकि हालिया सीडी समेत तमाम घटनाक्रम के कारण भूपेश की विश्वसनीयता बिल्कुल नहीं बची है। वे सीबीआई द्वारा चार्जशीटेड हैं। भूपेश की विभिन्न अपराधों में संलिप्तता लगातार सामने आ ही रही है। वे पार्टी अध्यक्ष नहीं, बल्कि किसी आपराधिक गिरोह का सरगना ज्यादा साबित हो रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष की कार्यप्रणाली भी कुछ ऐसी ही हो गई है।
चुनाव में नक्सली सहयोग का प्रस्ताव आता है तो पीसीसी प्रमुख भूपेश बघेल के पास। पता साजी होती है तो नक्सली नेता के नाम से फोन करने वाला कांग्रेसी ही निकलता है टिकट के एवज में डेढ़ लाख की रकम मांगने का मामला सामने आता है तो वहां भी भूपेश बघेल के तथाकथित करीबी की कथित भूमिका सामने आती है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पी.एल. पुनिया की कथित सीडी के बदले पार्टी की दो टिकटों की सौदेबाजी का मामला फूटता है तो इसमें भी भूपेश बघेल का ही नाम उछलता है। मंत्री की कथित अश्लील सीडी बांटने के मामले में आरोपी के तौर पर जेल गए तो वो भी भूपेश बघेल ही हैं। सवाल यह है कि इस तरह की तमाम अलोकतांत्रिक, अमर्यादित और क्षुद्र गतिविधियों में कांग्रेस के प्रादेशिक मुखिया की कथित संलिप्तता ही क्यों उजागर हो रही है। सच्चाई क्या है, यह सामने आना चाहिए क्योंकि कांग्रेस में टिकटों की सौदेबाजी के मामले सामने आने से छत्तीसगढ़ की संस्कृति कलंकित हो रही है। कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व यह सारा तमाशा चुपचाप देखते रहने के लिए शापित है और उसका अपनी प्रदेश इकाई पर कोई नियंत्रण नहीं है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में स्पष्ट तौर पर गुटबाजी है जो अपनी निम्न मानसिकता और ओछे राजनीतिक हथकंडों के जरिये कांग्रेस का तो कबाड़ा कर ही रही है, छत्तीसगढ़ का भी सारी दुनिया में अपमान कराने की कुचेष्टा कर रही है। यहां अपनी ही पार्टी के प्रभारी की तथाकथित सीडी के एवज में टिकटों की सौदेबाजी का मामला सामने आने के बाद नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चरणदास महंत, धनेन्द्र साहू, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रवीन्द्र चौबे एक साथ नजर आ रहे हैं तो भूपेश बघेल की अलग खिचड़ी पक रही है। स्पष्ट है कि कांग्रेस की आंतरिक खींचतान की वजह से ही यह सारी नौटंकी प्रदर्शित हो रही है।

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