अनादिकाल से जीविका उपार्जन के लोग सभी तरह के कर्म करते है. जो विरासत मॆ धन सम्पति लेकर पैदा हुए है वो अपनी विरासत कॊ आगे बढ़ाते है. कोई शासकीय नौकरी तो कोई प्राइवेट क्षेत्र मॆ जाता कोई किसानी करता है तो कोई उद्योग व्यापार करता है. नौकरी मॆ जोखिम कम तो सफलता भी सीमित रहती है. व्यापार मॆ जोखिम तो है पर सफलता के शिखर भी है. व्यापार मौसम ,सरकारी कारण तथा कई प्राकृतिक कारणों से प्रभावित होता है.खुद की सूझबूझ के अलावा ईश्वर कृपा भी अति आवश्यक है.इसके अलावा कुछ ऐसे छोटे उपाय भी है की जो व्यापार मॆ विशेष सहायता करते है.

*बुध ,गुरु और शनि*- शनि ग्रह कर्म का बुध ग्रह व्यापारिक बुद्धि का तथा गुरु ग्रह धन तथा कृपा का कारक होता है किसी भी कार्य कॊ केवल बुद्धिबल के दम पर चलाया नही जा सकता उसके लिये सदव्यवहार तथा सभी की कृपा अति आवश्यक है.

*कृपा पानी के लिये क्या करे*- हम एक जन्म मॆ दरिद्र नही होते. जीवन क्रिया प्रतिक्रिया के सिद्धांत पर कार्य करता है.यदि आप देते है तो पाते है यदि छीनते है तो आप भी भिखारी बनेंगे.हम हमारा ही भोगते है. यदि व्यापार मॆ बरकत,उन्नति नही है तो निश्चित रूप से हमारे ऊपर गुरु(ईश्वर)कृपा नही है.सबसे पहले गुरु ग्रह की कृपा पानी के लिये हर गुरुवार कॊ किसी भूखे प्राणी कॊ अपनी सामर्थ्य के अनुसार नियम से भोजन कराये.साथ ही पूरी महीने मॆ थोड़ा सा धन इस कार्य के लिये निकाल कर रखे.कितना निकालना है वो आप खुद निश्चित करे.सौ रुपये से लेकर कितना भी निकाले वर्ष भर मॆ इसका उपयोग भूखे जीव कॊ खिलानेमॆ ही खर्च करे.ऐसा करने से आपको गुरुकृपा प्राप्त होगी.संकल्प करने के बाद उसे निभाये.वचन से पलटना गुरु कॊ ज़रा भी पसंद नही.

*अच्छी व्यापारिक बुद्धि के लिये*- इसके लिये आपको अपने दाँत अच्छे से साफ करना चाहिये.फिटकरी का चूर्ण बनाकर उसमे समान मात्रा मॆ नमक मिलाकर दाँत साफ करने से बुध ग्रह के अच्छे परिणाम मिलते है साथ ही उत्तम व्यापारिक बुद्धि प्राप्त होती है.

*शनिग्रह की कृपा के लिये*- जब तक शनिग्रह की कृपा न हो व्यापार मॆ दुर्भाग्य हमारा पीछा नही छोड़ता.इससे छुटकारे के लिये खुद साफ स्वच्छ तथा व्यवस्थित रहे.अपने खानपान ,रहन सहन तथा पहनावे पर ध्यान दें इससे शनि महाराज प्रसन्न होंगे तथा दुर्भाग्य से छुटकारा मिलेगा.अपने से छोटे कामगारों का सम्मान करें उनकी इज्जत करें.यथा सम्भव उनके दुखदर्द मॆ काम आयें ज्यादा कुछ न कर सकें तो उनकी समस्याओं कॊ अवश्य सुने. यदि आपने उनकी सहानुभूति हासिल कर ली तो शनि महाराज आपके काम कॊ दिन दूना रात चौगुना उन्नति देंगे.

*स्त्री का सम्मान करें*- घर की स्त्री साक्षात लक्ष्मी होती है.अपनी गृहलक्ष्मी का सदैव सम्मान करें.उसकी बातों कॊ समझे उसके विचारों का सम्मान करें.उसकी सलाह पर ध्यान दें .उसके रहन सहन खानपान पर ध्यान दें . ऐसा करने से धीरे-धीरे आपके कारोबार मॆ वृध्दि होगी.

*उपरोक्त उपाय करने के लिये खुद से संकल्प करे तथा इन्हे यथासम्भव अपनी सामर्थ्य अनुसार करे निश्चित रूप से लाभ होगा*