राष्ट्रपति के संबोधन के साथ शुरू होगा बजट सत्र, आज पेश होगा आर्थिक सर्वेक्षण

नयी दिल्ली : संसद का बजट सत्र मंगलवार से शुरू होगा. पहले दिन राष्ट्रपति संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करेंगे.इसी दिन आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट संसद में पेश किया जायेगा. एक फरवरी यानी बुधवार को 2017-18 आम बजट पेश किया जायेगा. यह सत्र दो हिस्सों में होगा, पहला 31 जनवरी से नौ फरवरी तक चलेगा. दूसरा हिस्सा मार्च के प्रथम सप्ताह में शुरू होगा. खास बात यह है कि इस बार का बजट सत्र पहले से अलग होगा. पहले बजट सत्र फरवरी के आखिरी हफ्ते में बुलाया जाता था. सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति के भाषण के साथ ही संसद की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी जाती थी. फिर कुछ अंतराल के बाद बजट पेश किया जाता था.

इस बार पहले ही दिन आर्थिक सर्वेक्षण पेश करने की तैयारी है, जबकि अगले ही दिन आम बजट पेश होगा. इस बीच, अधिकतर विपक्षी दलों ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले संसद का बजट सत्र बुलाने के सरकार के फैसले का विरोध किया था. लेकिन, सुप्रीम कोर्ट व चुनाव आयोग ने अपनी सहमति दे दी.

इस बार का बजट सत्र खास इसलिए भी है कि सरकार ने रेल बजट को आम बजट के साथ मिला कर पेश करने का फैसला लिया है. सरकार ने इस साल से बजट सत्र फरवरी के अंतिम सप्ताह की बजाय जनवरी के आखिर में बुलाने का निर्णय इस आधार पर लिया है ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके.

विपक्षी दलों ने संकेत दिया है कि संसद के इस सत्र में नोटबंदी का मुद्दा जोरशोर से उठेगा, पिछले शीतकालीन सत्र के दौरान भी इस वजह से कोई कामकाज नहीं हो सका था. विपक्षी दलों ने विस चुनाव से पहले बजट पेश करने को लेकर भी नाखुशी जाहिर की. कांग्रेस व माकपा के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने सत्र के दौरान नोटबंदी के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की. अपने दो सांसदों की गिरफ्तारी को लेकर नाराज चल रही और नोटबंदी के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रही तृणमूल कांग्रेस ने सर्वदलीय बैठक में भाग नहीं लिया. साथ ही संसद के बजट सत्र के पहले दो दिन की कार्यवाही में भाग नहीं लेगी.

आयकर छूट की सीमा तीन लाख तक होगी!

वित्त मंत्री अरुण जेटली बुधवार को संसद में अपने चौथे तथा संभवत: सबसे चुनौतीपूर्ण बजट में नोटबंदी से हुई परेशानी को दूर करने के लिए कुछ कर राहत तथा अन्य प्रोत्साहन दे सकते हैं, जिससे अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिल सके. उम्मीद की जा रही है कि जेटली इस बार आयकर छूट की सीमा को 2.5 लाख से बढ़ा कर तीन लाख रुपये करेंगे. उद्योग विशेषज्ञों और कर अधिकारियों का कहना है कि कर छूट के अलावा बजट में सार्वभौमिक मूल आमदनी की घोषणा हो सकती है. साथ ही वह आवास ऋण पर दिये गये ब्याज पर कटौती की सीमा को दो लाख रुपये से बढ़ा कर ढाई लाख रुपये कर सकते हैं. वित्त मंत्री बजट में किसानों और ग्रामीण भारत के अलावा महिलाओं, सामाजिक सुरक्षा क्षेत्रों मसलन स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर विशेष ध्यान देंगे.

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