छात्रा कुमारी मनिता द्वारा आत्महत्या मामले में j c c j ने बनाई जाँच दल

रायपुर, जनता कांग्रेस जोगी ने आज प्रेस वार्ता में बताया कि बीते दिनों पंडरापाठ हायर सेकेण्डरी स्कूल जिला जशपुर में दिनांक 01.03.2019 को बोर्ड परीक्षा के दौरान उड़नदस्ता दल द्वारा परीक्षा केन्द्रो का निरीक्षण, जांच किया गया। उड़दस्ता दल के द्वारा नकल की संभावना होने पर कमरे के बाहर ले जाकर कपड़े उतरवाकर तलाशी लिया गया। इस घटना से व्यथित होकर छात्रा कुमारी मनिता द्वारा दिनांक 03.03.2019 को अपने गांव रौनी में आत्म हत्या कर ली। यह एक जनहित से जुडे़ अति असंवेदनशील कार्यवाही उड़नदस्ता दल के द्वारा स्कूल में परीक्षार्थियों के साथ किया गया। जो शिक्षा प्रबंधन के घोर लापरवाही एवं नियम विरूद्ध कार्यवाही होने के कारण जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष माननीय श्री अमित जोगी द्वारा उक्त घटना के जांच के लिए जांच दल का गठन किया गया, तथा यह निर्देश दिया गया कि जांच दल एक सप्ताह में उक्त घटना की प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगें।
जांच दल निम्नानुसार बनाया गया था –
1. श्री एम.एस. पैकरा – अध्यक्ष
2. श्रीमती ऋचा अमित जोगी – उपाध्यक्ष
3. श्री संजीव अग्रवाल – सदस्य
4. श्रीमती उमा पुरेना – सदस्य
5. श्री दानिश रफीक – सदस्य
6. श्रीमती रूखमणी साहू – सदस्य
7. श्री नवल सिंह राठिया – सदस्य
8. श्री शशि कुमार भगत – सदस्य
9. श्री अनोज गुप्ता – सदस्य

जांच के संबंध में जांच दल के द्वारा आपस में चर्चा कर निम्नानुसार जांच की बिन्दु निर्धारित किये:-
1. क्या मृतक छात्रा पंडरापाट हायर सेकेण्डरी स्कूल की छात्रा थी, तथा वह दिनांक 01.03.2019 को उक्त परीक्षा केन्द्र में परीक्षा दिला रही थी ?
2. क्या दिनांक 01.03.2019 को उड़नदस्ता दल द्वारा पंडरापाट हायर सेकेण्डरी स्कूल का आकस्मिक निरीक्षण, जांच किया था ? जांच के दौरान परीक्षार्थियों के पास नकल की संभावना होने पर तलाशी लिया था तथा कुछ छात्राओं को परीक्षा हाल से बाहर दूसरे कक्ष में ले जाकर कपड़े उतरवाकर जांच किया था ? इस दौरान मृतका छात्रा कुमारी मनिता का भी दूसरे कक्ष में ले जाकर कपडे़ उतरवाकर जांच किया गया था ?
3. उड़नदस्ता की उक्त जांच के कारण परीक्षार्थी व्यथित हुए थे समय बर्बाद होने के कारण पेपर खराब होने की संभावना थी, और उक्त घटना से व्यथित एवं मानसिक तनाव के कारण बगीचा ब्लाक के ग्राम रौनी निवासी शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल पंडरापाट की छात्रा कुमारी मनिता बाई आत्महत्या करने को विवश हुई।
4. क्या मृतका के पीड़ित परिवार को क्या न्याय पाने का अधिकार बनता है ?
उपरोक्त बिन्दुवार जांच के लिए जांच दल के द्वारा दिनांक 12.03.2019 को पंडरापाट हायर सेकेण्डरी स्कूल पहुंचकर छात्राओ से पूछताछ किया। स्कूल प्रबंधन से मिला तथा मृतका के गांव रौनी पहुंचकर उसकी माता एवं भाई से उसके घर में भेंट किये।
जांच की बिन्दु क्र. 1 स्वीकृृत तथ्य है कि छात्रा कुमारी मनिता पंडरापाट हायर सेेकेण्डरी स्कूल की नियमित छात्रा थी तथा वह दिनांक 01.03.2019 को परीक्षा दिला रही थी।
जांच की बिन्दु क्र. 2 के संबंध में पूछताछ से यह जानकारी मिली की उड़नदस्ता दल द्वारा दिनांक 01.03.2019 को परीक्षा केन्द्र पहुंचकर निरीक्षण, जांच किया था। छात्र-छात्राओ के पास नकल की संभावना होने पर कुछ छात्र-छात्राओं की तलाशी ली गयी तथा कुछ छात्राओ को परीक्षा हाल से बाहर अन्य कक्ष में ले जाकर कपडे़ उतरवाकर तलाशी ली गयी। इनमें मृतक छात्रा कुमारी मनिता बाई भी सम्मिलित थी। इस तथ्य की पुष्टि पूछताछ के दौरान मृतक छात्रा कुमारी मनिता बाई के साथ परीक्षा दे रही अन्य छात्राओं से हुई है। यह बात सही है कि निरीक्षण दल के कार्यवाही से परीक्षार्थियो का समय एवं मनोबल भी प्रभावित हुआ। निरीक्षण दल की प्रक्रिया से वे काफी व्यथित थे, तथा पेपर खराब होने की संभावनाओ के कारण मानसिक तनाव में थी। उड़नदस्ता दल द्वारा कितने छात्र-छात्राओ का नकल प्रकरण बनाया गया तथा क्या उसमें मृतका कुमारी मनिता बाई का भी नकल प्रकरण बना है अथवा नही इस संबंध में स्कूल प्रबंधन द्वारा किसी प्रकार की जानकारी देने से साफ मना कर दिया।
जांच की बिन्दु क्र. 3 के संबंध में मृतका के परिवार उसकी माता एवं उसके भाई से मिलने पर उनके द्वारा बताये गये कि दिनांक 01.03.2019 को जब छात्रा कुमारी मनिता घर आयी तो उदास थी लेकिन उसके भाई ने बताया कि उसकी बहन ने परीक्षा में तलाशी लेने के बात कही थी, उसका भाई यह भी बताया कि उसी दिन सामाजिक कार्यक्रम में दूसरे पारा में गयी थी, दूसरे दिन सामाजिक कार्य से घर वापस आयी। उक्त घटना के कारण उदास थी उसके भाई ने यह भी बताया कि उसकी बहन के द्वारा आत्महत्या करने के पूर्व एक सुसाइट नोट भी लिख रखी थी जिसे पुलिस ने जांच के दौरान ले लिया था। उसकी माता-पिता अथवा भाई के द्वारा आत्महत्या की कोई और कारण नही होने की संभावना व्यक्त किया है। जिसे स्पष्ट है कि मृृतका कुमारी मनिता द्वारा उड़नदस्ता दल के द्वारा जांच की प्रक्रिया से व्यथित थी, उसका भाई ने यह भी बताया कि मोबाईल (सिम रहित) पुलिस की अभिरक्षा में है। उसकी मां ने यह भी बताया कि ग्रामवासियों से आम के पेड़ में लड़की के लटके होने की सूचना मुझे मिली है।
जांच की बिन्दु क्र. 4 के संबंध में यह स्पष्ट है कि पंडरापाट दूरस्थ आदिवासी अंचल है जहां स्कूल में आदिवासी छात्र-छात्राए पढ़ते है मृतक छात्रा मनिता विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा के परिवार की थी वह 2 भाई एवं 1 बहन थी। जहां एक ओर सरकार बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है वही दूसरी ओर शिक्षा प्रबंधन की कार्यवाही से व्यथित होकर आत्महत्या करने को मजबूर हो रही है। यह सरकार की एक असंवेदनशीलता का प्रतीक है। अतः जांच दल निम्नानुसार अनुशंसा करती है।
1. पीड़ित परिवार विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा जाति की है अतः मृतका के परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता भुगतान किया जावे तथा परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी दिया जायें।
2. जिम्मेदार एवं दोषी अधिकारी एवं कर्मचारी के विरूद्ध अपराधिक प्रकरण दर्ज कर अनुशासत्मक कार्यवाही किया जावें।

भवदीय,
1. श्री एम.एस. पैकरा – अध्यक्ष …………………………………
2. श्रीमती ऋचा अमित जोगी – उपाध्यक्ष ……………………….
3. श्री संजीव अग्रवाल – सदस्य ………………………………….
4. श्रीमती उमा पुरेना – सदस्य …………………………………..
5. श्री दानिश रफीक – सदस्य …………………………………….
6. श्रीमती रूखमणी साहू – सदस्य ……………………………….
7. श्री नवल सिंह राठिया – सदस्य ……………………………….
8. श्री शशि कुमार भगत – सदस्य …………………………………….
9. श्री अनोज गुप्ता – सदस्य …………………………………………..

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