जबलपुर मेडिकल कॉलेज से बेदखल होगें 18 छात्र

जबलपुर. व्यापमं मामले में सुप्रीम कोर्ट का  फैसला आने के बाद मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में हड़कम्प मच गया है. सैकड़ों छात्र-छात्राओं के एडमिशन निरस्त कर दिए गए हैं. जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज के 18 छात्रों का दाखिला निरस्त किया जा सकता है. इसको लेकर मेडिकल विश्वविधालय में हलचल मच गई है. हाईकोर्ट ने किया था निरस्त उल्लेखनीय है व्यापमं घोटाले पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद जबलपुर  नेता जी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्रों का प्रवेश निरस्त कर दिया गया था. यह बात सामने आई थी कि इनके दाखिले में कहीं न कहीं अनियमितता हुई है.

इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया था. सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्टे दिए जाने के बाद इन छात्र-छात्राओं को पुन: प्रवेश दिया गया था.  डॉ.बीके गुहा का कहना है कि फैसले की कॉपी आते ही इन छात्रों को बर्खास्त कर दिया जाएगा. इन सभी छात्र-छात्राओं पर गलत ढंग से प्रवेश लेने के आरोप लगे थे. जांच में  यह तथ्य सामने आए थे कि प्री मेडिकल टेस्ट में इन छात्रों को उपकृत किया गया. इन पर नकल के भी आरोप लगे थे. हाईकोर्ट ने भी इनके प्रवेश को नियम विरुद्ध और गलत माना था.

ढाई दिन में बना था यह महल, कहानी सुनकर चौंक जाएंगे ये हैं 18 छात्र-छात्राएं 2009 बैच- निधि केम, तिलक अहिरवार 2010 बैच – दिव्या सेठिया,  प्रतीक आर्या, ज्योति भवेल, मोनिका डाबर, दिग्विजय सिंह अलावा2011 बैच- आशीष जामरे, गिरीश कुमार पटेल, श्रेयांस सोनी, नितिन वर्मा पुनीत पटेल, अलका मंसूरी, नवनीत पाटीदार, अजय सिंह मुजहलदा, रोहित कटारा, विभोर नायक, अंकित तिवारी. मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा में कुल 95 प्रवेश संदिग्ध पाए गए थे.

इनमें से 45 छात्रों पर आरोप था कि वे व्यापमं द्वारा आयोजित प्री मेडिकल टेस्ट परीक्षा में  सम्मिलित नहीं हुए. इनके स्थान पर कोई और प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित हुआ था और बाद में प्रवेश लेते समय फोटो में हेराफेरी करके इन्होंने प्रवेश लिया. इनमें से एक छात्र  की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी.कई पर हुई कार्रवाई बताया गया है कि 95 छात्रों का प्रवेश संदिग्ध पाए जाने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने पूर्व में 44 छात्रों को बर्खास्त कर दिया था. वहीं 2009 से 2012 बैच के 50 छात्र एेसे सामने आए थे जिन्होंने नकल करके परीक्षा पास की थी.

इनकी संख्या 50 थी. कॉलेज ने इन 50 छात्र-छात्राओं का प्रवेश निरस्त कर दिया था. इसके खिलाफ ये छात्र-छात्राएं हाईकोर्ट गए थे. हाईकोर्ट से इन छात्र-छात्राओं को राहत नहीं मिली थी और प्रवेश निरस्त कर दिए गए थे. इनमें से जबलपुर मेडिकल कॉलेज 18 छात्र-छात्राओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट ने पहले स्टे दिया था पर सोमवार को सुनाए फैसले में हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा. जिसके बाद कॉलेज प्रबंधन द्वारा  सभी 18 छात्र-छात्राओं के प्रवेश निरस्त करने की तैयारी की जा रही है.

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