अंपायर को अपनी आंखें खोलकर रखनी चाहिए :कोहली

नई दिल्ली : इंडियन प्रीमियर लीग 2019 के सातवें मैच में मुंबई इंडियंस ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को छह रनों से हरा दिया। इस मैच की आखिरी गेंद पर विवाद खड़ा हो गया। मुंबई के 187 रनों का पीछा करने उतरी कोहली की टीम बेंगलुरु को जीत के लिए अंतिम गेंद पर 7 रनों की दरकार थी। लेकिन यह गेंद नो बॉल होने के बावजूद गेंद करार दी गई और बेंगलुरू की टीम 6 रन से हार गई।अंतिम ओवर में मुंबई के तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा बॉलिंग एंड पर थे और उनके सामने थे बेंगलुरु के शिवम दुबे। मलिंगा ने दुबे को गेंद की और इस दौरान उनका पैर क्रीज के बाहर था, लेकिन अंपायर की नजर इस पर नहीं पड़ी और मैच बेंगलुरु के पाले में चला गया। हालांकि, अंपायर के इस फैसले पर कोहली ने सवाल उठाया।
कोहली ने कहा, ‘यह बहुत गलत बात है। हम आईपीएल में खेल रहे हैं न कि क्लब का कोई मैच। अंपायर को अपनी आंखें खोलकर रखनी चाहिए थी। आखिरी गेंद पर इस तरह का फैसला बहुत बुरी बात है। करीबी मैचों में अगर इस तरह के फैसले आते रहे तो मैं नहीं जानता कि क्या होगा। अंपायर्स को अधिक सजग होना चाहिए था।’ कोहली ने कहा कि 145/7 के स्कोर से हम बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे। आखिरी कुछ ओवर हम पर काफी भारी पड़े।
वहीं, मैच के बाद रोहित शर्मा ने कहा कि मुझे अभी पता चला कि हम क्रीज को पार कर गए थे। इस तरह की चीजें क्रिकेट के लिए अच्छी नहीं हैं। साथ ही उन्होंने भी अंपायर के एक फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि बुमराह की एक गेंद जिसे वाइड दी गई वो वाइड नहीं थी. यह देखकर काफी निराशा हुई। अगर यह गेंद नो बॉल करार दी जाती तो न केवल एक गेंद मिलती तो बल्कि एक एक्सट्रा रन और एक फ्री हिट भी मिलती. ऐसे में मैच का रिजल्ट कुछ हो सकता था। रोहित ने कहा कि इससे पिछले ओवर में भी बुमराह की एक गेंद वाइड नहीं थी लेकिन अंपायर ने उसे करार दिया।

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