एक और चीनी सैनिक जाना चाहता है अपने वतन

बालाघाट. भारत-चीन युद्ध के समापन के बाद सजा काटकर बालाघाट के तिरोड़ी में रहकर जीवन-यापन कर रहे चीनी सैनिक वांग-ची के सकुशल वतन चीन लौट जाने के बाद तिरोड़ी में रह रहे एक और चीनी सैनिक ने भी अपने वतन चीन लौटने का मन बना लिया है, जिसके चलते चीनी सैंनिक ने मंगलवार को परिवार समेत कलेक्टर भरत यादव से उसे भी चीन उसके परिवार के पास भेजने की गुहार लगाई हैं.

8 साल काटी सजा

चीनी सैनिक डीयू-सी-यूंग ने बताया कि सन 1961 में सिक्किम बार्डर में भारतीय सेना द्वारा उसे पकड़ लिया गया था, जिसके बाद उसे अजमेर व नाभा जेल रखा गया. इन जेलों में आठ वर्ष की सजा काटने के बाद पंजाब न्यायालय ने सन 1969 में जेल से रिहा किया था, जिसके बाद से वो बालाघाट के तिरोड़ी में अपना जीवन गुजार रहा है.

सेवनबाई से की शादी

पंजाब न्यायालय से रिहाई मिलने के बाद तिरोड़ी पहुंची चीनी सैनिक ने सेवनबाई से शादी कर अपनी गृहस्थी शुरु की. जीवन के इस सफर में चीनी सैनिक के चार बच्चे सुनील, देवकुमार, संगीता और अनुराधा है. जिनके साथ चीनी सैनिक मेहनत मजदूरी का कार्य कर रह रहा है.

अपनों से मिलने की चाह में जाना चाहता है वतन

परिवार समेत कलेक्ट्रेट पहुंचे चीनी सैनिक डीयू-सी यूंग ने बताया कि वांग-ची की तरह वो भी अपने वतन चीन जाना चाहता है. उसने बताया कि इतने वर्ष बीत जाने के बाद उसे पता नही कि चीन में उसका कोई अपना है, भी या नही. लेकिन वो अपने दोस्त व परिजनों को एकबार देखने की आस रखता है, इसलिए अपने परिवार समेत वो भी चीन जाना चाहता है.

इनका कहना….

चीनी सैनिक द्वारा परिवार समेत चीन जाने की गुहार मंगलवार को लगाई है. इसे लेकर शासन स्तर पर जैसी भी मदद की जरुरत पड़ेगी की जाएगी.

मंजूषा विक्रांत राय, जिला पंचायत सीईओ.

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