इटावा : चुनाव मैदान में एक पार्टी का नेता दूसरी पार्टी के नेता पर हमला बोले ये तो आम बात है. इस बार के चुनाव में एक और दिलचस्प लड़ाई देखने को मिल रही है, अखिलेश यादव अपने चाचा शिवपाल यादव पर भी खूब बरस रहे हैं जो उन्हीं की पार्टी से उम्मीदवार भी हैं. अखिलेश ने बिना नाम लिए शिवपाल को हराने की अपील भी की.

रामगोपाल भी मंच पर मौजूद थे
चाचा और भतीजे की चुनाव से पहले शुरू हुई ये लड़ाई चुनाव के मैदान में भी जारी है. अखिलेश जब इटावा पहुंचे तो घर के झगड़े की चर्चा छेड़ दी. अखिलेश के भाषण के दौरान उनके चचेरे चाचा रामगोपाल यादव मंच पर मौजूद थे. परिवार के झगड़े में रामगोपाल लगातार अखिलेश के साथ डटे हुए हैं, अखिलेश बोल रही रहे थे कि रामगोपाल उनके पास पहुंचे और कान में कुछ कहा, क्या कहा ये पता नहीं लेकिन इसके बाद तो अखिलेश ने शिवपाल पर आरोपों की बौछार कर दी.

अखिलेश ने कहा, ”हमने लोगों पर ज्यादा ही भरोसा कर लिया. जिन पर भरोसा किया उन्होंने हमें और नेता जी को ही लड़ा दिया. मैंने कभी साइकिल को हराने की बात नहीं की लेकिन सुना है इटावा में कहीं कहीं मोबाइल से लोगों को बुलाकर साइकिल हराने की बात कही जा रही है. हमने सुना है कि यहां पर एक नई पार्टी भी बनने जा रही है. ये आरोप तो हम पर लगता था कि हम नई पार्टी बनाने जा रहे हैं. कौन समझाए कि नई पार्टी बनाने से कुछ नहीं होता. ” अखिलेश ने कहा, ”ऐसे लोग जिन्होंने नेता जी और हमारे बीच खाई पैदा की है इटावा को लोगों उन्हें सबक सिखाने का काम करना.”

नरेश अग्रवाल ने शिवपाल यादव को बताया ‘कूड़ा’
शिवपाल पर अखिलेश के इस वार के बाद पार्टी के दूसरे नेता भी कूद पड़े. परिवार के झगड़े में अखिलेश के साथ खड़े रहे सांसद नरेश अग्रवाल ने तो बिना नाम लिए शिवपाल की तुलना कूड़े से कर दी और कह दिया कि कूड़े की जगह डस्टबीन में होती है. नरेश अग्रवाल ने कहा, ”पतझड़ हरसाल आता है, पुराने पत्ते झड़ जाते हैं और नए पत्ते आ जाते हैं. पतझड़ के झड़े पत्तों पर ज्यादा बात नहीं की जाती उन्हें झाड़ू से साफ करके कूड़ेदान में डाल दिया जाता है.”

मुलायम अब भी शिवपाल के साथ
परिवार के इस झगड़े में शिवपाल अब अकेले पड़ गए हैं लेकिन मुलायम ने साथ नहीं छोड़ा है, मुलायम खुद शिवपाल के लिए प्रचार करने जसवंतनगर गए थे जहां से शिवपाल उम्मीदवार हैं.