गौठान योजना पूरी तरह फेल : विक्रम उसेंडी

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश सरकार की गौठान योजना की विफलता और इससे हो रही परेशानियों को लेकर एक बार फिर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने इस पूरी योजना की सार्थकता पर सवाल दागने के साथ ही इसे पंचायतों को कंगाल बनाने वाली योजना बताया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम अमोरा में गौठान पर एक तो डेढ़ माह तक ताला लगा रहा, तिस पर वहां का भुगतान रोके जाने से सरपंच को हो रही दिक्कतों से सरकार बेखबर रही। अभी इस मामले से सरकार उबर नहीं पाई है कि गौठान योजना को लेकर बालोद जिले में भी सरकार की बुरी तरह भद पिट रही है। श्री उसेंडी ने कहा कि बालोद जिले की ग्राम पंचायत उमरादाह के आश्रित ग्राम चरोटा में आदर्श गौठान बनाया गया है, लेकिन यह प्रदेश सरकार की नाकामी है कि सरकार के भरोसे और जिला प्रशासन के फरमान पर लाखों रुपये की लागत से बने गौठान का भी भुगतान नहीं हो रहा है जिसके चलते पंचायत के सरपंच सखाराम देवांगन को आर्थिक कंगाली झेलनी पड़ रही है। 17 लाख के कर्ज में डूबे सरपंच के घर के जेवर-गहने तक बिक गए हैं। लेनदारों के तकादे से परेशान सरपंच और परिजन गांव छोडऩे को मजबूर हैं। आधे-अधूरे बने इस गौठान का एक अगस्त को आनन-फानन में उद्घाटन किया गया था पर यहां भी गौ-वंश के लिए चारा-पानी तक नहीं है। ग्रामीण इसके चलते गौठान के बाहर अपने गौ-वंश को चराने के लिए विवश हैं। तीन एकड़ के इस गौठान में मवेशी का नहीं आना प्रदेश सरकार के बड़बोलेपन पर उदहारण है।
भाजपा अध्यक्ष श्री उसेंडी ने कहा कि यह समूची योजना प्रदेश सरकार की नासमझी की परिचायक बन गई है। प्रदेश सरकार ने वाहवाही लूटने के लिए योजना तो घोषित कर दी, पर योजना को लेकर न तो सरकार का कोई दृष्टिकोण है और न ही सरकार ने इसके क्रियान्वयन की जमीनी जरूरतों पर ध्यान देने की जरूरत महसूस की। नतीजा योजना की विफलता के रूप में सामने आ रहा है। अपने मुंह मियां मिट्ठू बनने वाले सरकार में बैठे लोगों को इस योजना का जमीनी सच नजर नहीं आना हैरत भरा है। उन्होंने सवाल किया कि दूसरों को आईना भेजकर शक्ल देखने की नसीहत देने वाले मुख्यमंत्री क्या अब इस आईने में अपनी सरकार की शक्ल देखेंगे?

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