कांग्रेस पार्टी का विधानसभा चुनाव का घोषणापत्र नहीं धोखा पत्र था: श्रीचंद सुन्दरानी

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक श्रीचंद सुन्दरानी ने प्रदेश के पुलिस कर्मियों के साप्ताहिक अवकाश की प्रदेश सरकार की घोषणा की विफलता पर तंज कसा है। श्री सुन्दरानी ने कहा कि प्रदेशभर के पुलिस कर्मियों को चुनाव के वक्त साप्ताहिक अवकाश देने की घोषणा करने वाली कांग्रेस सत्ता में आने के बाद अपनी इस घोषणा का भी आधा-अधूरा क्रियान्वयन करके अपनी प्रशासनिक नासमझी और अकुशलता का परिचय दिया है। इससे प्रदेश के अन्य लोगों व वर्गों की तरह ही पुलिस कर्मी भी खुद को छला हुआ महसूस कर रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता श्री सुन्दरानी ने कहा कि प्रदेश के उन थानों को छोड़कर, जहां सीएसपी बैठते हैं, शेष थानों में पदस्थ जवानों को साप्ताहिक अवकाश का लाभ नहीं मिलने की शिकायतें चर्चा में हैं। इससे पुलिस कर्मचारियों में असंतोष है और वे अपने हक के लिए अब सड़क पर लड़ाई का मन बना रहे हैं। यदि ऐसा हुआ तो प्रदेश में अच्छा संदेश नहीं जाएगा उसके लिए प्रदेश सरकार खुद जिम्मेदार होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मचारी साप्ताहिक अवकाश नहीं मिलने के कारण दोहरी व्यथा को झेलने को मजबूर हैं। वे साप्ताहिक अवकाश मांग रहे हैं तो अफसर उन्हें फटकार रहे हैं और सा. अवकाश नहीं मिलने के कारण इधर परिवार वाले उनसे रुष्ट हो रहे हैं। पुलिस अधिकारी इसके लिए स्टाफ की कमी को वजह बता रहे हैं। श्री सुन्दरानी ने सवाल किया कि जब पर्याप्त स्टाफ नहीं था तो फिर साप्ताहिक अवकाश का लालीपाप दिखाने की नासमझी प्रदेश सरकार ने क्यों की?
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस बल की कमी को दूर करने के प्रति भी प्रदेश सरकार कोई गंभीरता नहीं दिखा रही है। पुलिस प्रवेश परीक्षा के नतीजे रोककर प्रदेश सरकार इसमें भी नए विवाद खड़ा करने की शर्मनाक कोशिश करके यह जाहिर कर चुकी है कि इस सरकार में न तो राजनीतिक, और न ही प्रशासनिक समझ है और वह अपनी नासमझी के चलते प्रदेश की समस्याओं के निराकरण की इच्छा शक्ति दिखाने के बजाय बड़बोलेपन और राजनीतिक स्वांग ही रच रही है।

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