लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी की करारी हार पर पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि राजनीति में हार-जीत चलती रहती है, इसके लिए किसी एक को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. मुलायम ने कहा कि हम वोटरों को समझाने में कामयाब नहीं हो सके. उन्होंने ये भी कहा कि बीजेपी ने जनता से कई वादे किए, अब देखते हैं उनके वादे पूरे होते हैं या नहीं.

मुलायम ने कहा, हमें पहले भी हार मिली, लेकिन इसके बाद फिर सरकार बनाने में कामयाब हुए. विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन ने कुल मिलाकर 403 सीटों में से सिर्फ 56 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि बीजेपी और इसके सहयोगी दलों ने 325 सीटों पर कब्जा जमा लिया.

उल्लेखनीय है कि यूपी चुनावों से ठीक पहले समाजवादी पार्टी में अंदरूनी घमासान चरम पर पहुंच गई थी और पार्टी साफ तौर पर मुलायम और अखिलेश खेमे में बंटी नजर आई. चुनावों की घोषणा से ठीक पहले पार्टी का नेतृत्व संभालने को लेकर पिता-पुत्र में काफी तीखा संघर्ष हुआ था. चुनावों में मिली हार के बाद अखिलेश यादव ने रविवार को पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और कहा कि समाजवादी पार्टी सिर्फ एक पार्टी नहीं, बल्कि विचारधारा है और ‘संघर्ष जारी रहेगा’.

शनिवार को अखिलेश ने कहा था कि पूरे चुनाव में उन्हें कभी नहीं लगा कि ऐसे नतीजे आएंगे. उन्होंने कहा, मेरी सभाओं में भारी भीड़ उमड़ती थी. पता नहीं क्या हुआ. उन्होंने टीस भरे अंदाज में कहा, गरीब को अक्सर पता ही नहीं होता कि वह क्या चाहता है. किसान को पता ही नहीं होता कि उसे क्या मिलने जा रहा है. मैं समझता हूं कि जनता कुछ और सुनना चाहती रही होगी. जनता को अगर एक्सप्रेस-वे नहीं पसंद आया तो शायद उसने यूपी में बुलेट ट्रेन के लिए वोट दिया हो.

शनिवार को जैसे ही चुनाव नतीजों में सपा की हार तय हो गई, चुनाव के दौरान पूरी तरह से किनारे कर दिए गए सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि यह घमंड की हार है. उन्होंने इस हार को समाजवादी पार्टी की हार मानने से इनकार कर दिया.