पटना : राज्य के निषाद समाज की सहनी, मल्लाह, बिंद, बेलदार, नूनिया, तोरी समेत अन्य जातियों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने के लिए राज्य सरकार सर्वे करा रही है. सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर ही केंद्र सरकार इन जातियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देगी.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसकी जानकारी अमीर शहीद जुब्बा सहनी के 73वें शहादत दिवस समारोह में दी. रवींद्र भवन में आयोजित समारोह में उन्होंने पटना में शहीद जुब्बा सहनी के नाम पर एक पार्क का नामकरण करने और वहां उनकी आदमकद प्रतिमा लगाने की भी घोषणा की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि निषाद समाज का सीधा संबंध मिट्टी-पानी से है. यह एक तरह से ट्राइव की तरह है. सिंतबर, 2015 में ही राज्य सरकार ने निषाद समाज की जातियों को एसटी में शामिल करने के लिए केंद्र को अपनी अनुशंसा भेज दी थी. केंद्र ने इसके लिए एथनोलॉजिकल सर्वे कराने को कहा. राज्य सरकार ने ए एन. सिन्हा शोध व समाज अध्ययन संस्थान को सर्वे की जिम्मेदारी दी है. साथ ही जल्द से जल्द सर्वे पूरा करने को भी कहा है, ताकि उस रिपोर्ट को केंद्र को दिया जा सके अौर निषाद समाज की जातियों को एसटी का दर्जा मिल सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत लोग हमारे काम के खिलाफ होते हैं.
चुनाव के समय भी सभी अपने ढंग से लोगों के पीछे पड़ते हैं. बिहार में अभी चुनाव नहीं है, लेकिन कुछ लोग इसे चुनाव से जोड़ कर देखते हैं. चुनाव हो या न हो, चुनाव में फायदा हो या न हो, हम अपना काम पूरी प्रतिबद्धता से करते हैं. सीएम ने कहा कि जुब्बा सहनी को अंगरेजों का अत्याचार बरदास्त नहीं था. उन्होंने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. पंडित जवाहर लाल नेहरू भी मुजफ्फरपुर में उनसे मिले थे. उनकी याद में मुजफ्फरपुर में स्मृति पार्क, भागलपुर में एक जेल का नामकरण पहले ही किया गया है. अब पटना में एक पार्क का नामकरण उनके नाम पर होगा और वहां उनकी एक प्रतिमा भी स्थापित की जायेगी. जहां हर साल राजकीय समारोह का आयोजन किया जायेगा.