पणजी : गोवा में मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार से सुप्रीम कोर्ट की ओर से बहुमत साबित करने के लिए कहे जाने के बाद मंगलवार को एक और निर्दलीय विधायक ने इस गठबंधन सरकार को समर्थन देकर कांग्रेस को झटका दिया है. इसके साथ ही सत्तापक्ष के कुल विधायकों की संख्या अब 22 हो गई.

आपको बता दें कि रक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके मनोहर पर्रीकर ने मंगलवार को गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने राजभवन में उन्हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलायी. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस की अर्जी पर सुनवाई करते हुए पर्रीकर के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से इनकार किया. निर्देश दिया कि गुरुवार को नयी सरकार सदन में बहुमत साबित करे. इस बीच राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस ने जनादेश नहीं मिलने के बाद भी सत्ता हासिल करने की भाजपा की कोशिशों पर सवाल उठाया है. मंगलवार को बदलते घटनाक्रम के बीच सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस की अर्जी खारिज होते ही 61 वर्षीय पर्रीकर ने देर शाम नौ विधायकों के साथ शपथ ली, जिनमें दो सदस्य भाजपा के, तीन गोवा फॉरवर्ड पार्टी के और दो सदस्य एमजीपी के हैं.

मालूम हो कि 40 सदस्यीय विस में किसी दल को बहुमत नहीं मिला है. भाजपा (13)सीटों के मामले में कांग्रेस (17)के बाद दूसरे नंबर पर रही थी. लेकिन भाजपा ने रविवार को राज्यपाल से मिल कर उन्हें 21 विधायकों का समर्थन दिखाया और सरकार बनाने का दावा पेश किया. राज्यपाल ने 15 दिन के भीतर सदन में विश्वास मत हासिल करने को कहा था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा का मुख्यमंत्री बनने पर पर्रीकर को शुभकामनाएं दीं. आशा जतायी कि वह राज्य को प्रगति की नयी ऊंचाइयों पर ले जायेंगे. पर्रीकर ने विश्वास जताया कि उनकी सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी. मैं गुरुवार को सदन में बहुमत साबित करूंगा. पर्रीकर ने कहा कि उन्हें कुल मिला कर 22 विधायकों का समर्थन प्राप्त है.