नईदिल्ली : पिछले दो साल से लंबित नेशनल हेल्थ पॉलिसी को मोदी कैबिनेट ने बुधवार को अंतिम मंजूरी दे दी है. मौजूदा ड्राफ्ट में पीएम नरेंद्र मोदी के निर्देश पर कुछ बदलाव किये गये हैं. इस नीति के माध्‍यम से देश में सभी को निश्चित स्वास्थ्य सेवायें मुहैया कराने का प्रस्ताव रखा गया है. आपको बता दें कि यह हेल्थ पॉलिसी पिछले दो साल से लंबित थी.

हालांकि सरकार का लक्ष्य देश की बड़ी आबादी को सरकारी अस्पताल के माध्‍यम से फ्री इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना है. इस नेशनल हेल्थ पॉलिसी के तहत देश के हर व्यक्ति को इलाज की सुविधा दी जाएगी. इसका अर्थ यह हुआ कि पैसा न होने पर किसी मरीज का इलाज करने से मना नहीं किया जा सकेगा.

सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज और जांच की सुविधा उपलब्ध होगी जिसका लाभ देश के हर व्यक्ति को मिलेगा.पॉलिसी के तहत इंश्योरेंस बेस्ड मॉडल या प्रीपेड मॉडल के माध्‍यम से देश में सभी को सस्ती कीमत पर स्वास्थ्य सेवायें सरकार मुहैया करवायेगी. यही नहीं एजुकेशन सेस की तरह ही स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध कराने के लिए हेल्थ सेस लगाये जाने की आशंका है. प्रीपेड हेल्थकेयर सर्विस की सुविधा भी इस पॉलिसी के अंतर्गत रखी गयी है.

जिला अस्पताल और इससे ऊपर के अस्पतालों को पूरी तरह सरकारी नियंत्रण से अलग कर दिया जाएगा. पॉलिसी में हर बीमारी को हटाने के लिए खास टारगेट बनाया गया है. आज सदन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा औपचारिक रूप से इस नीति को देश के समक्ष रख सकते हैं.