देहरादून। उत्तराखंड में सीएम कौन बनेगा, इस पर फैसला आज शाम हो जाएगा। इस मुद्दे पर केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में आज देहरादून में पार्टी विधायक दल की बैठक होगी। गौरतलब है कि बीजेपी ने चुनावों में 70 में से 57 सीटें जीती हैं।सूत्रों की मानें तो सतपाल महराज और त्रिवेंद्र सिंह रावत का नाम मुख्यमंत्री पद की रेस में है। मजेदार बात यह है कि प्रकाश पंत देहरादून में बाकायदा लोगों से शुभकामनाएं ले रहे हैं तो त्रिवेंद्र रावत बुधवार से दिल्ली में डेरा डाले हैं. भाजपा की कुमाऊं लॉबी और ब्राह्मण लॉबी प्रकाश पंत की पैरवी कर रही हैं तो आरएसएस और राजनाथ सिंह त्रिवेंद्र रावत के समर्थन में बताए जा रहे हैं. अब देखना होगा किसका राजयोग जोर लगाता है या फिर कोई तीसरा सामने आता है?

कौन बनेगा सीएम? उत्तराखंड में इस सवाल के जवाब का हर कोई बेसब्री से इंतजार कर रहा है. सीएम की दौड़ में त्रिवेंद्र रावत और प्रकाश पंत सबसे आगे बताए जा रहे हैं. संभवत: गुरुवार देर शाम तक दिल्ली में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला ले लिया जाए. हालांकि इसकी घोषणा देहरादून में विधानमंडल दल की बैठक के बाद ही की जाएगी. बताया जा रहा है कि आरएसएस त्रिवेंद्र सिंह रावत की जमकर पैरवी कर रहा है. प्रकाश पंत और त्रिवेंद्र रावत सीएम की दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे हैं.
उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) किसी चेहरे को थोपने की बजाय सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री का चुनाव करने की कवायद चल रही है. यही वजह है कि जीतकर आए सभी विधायकों और पूर्व मुख्यमंत्रियों से चर्चा की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक प्रकाश पंत और त्रिवेंद्र रावत सीएम की रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं. प्रकाश पंत के नाम पर भाजपा के कुमाऊं और गढ़वाल के सभी गुट कमोबेश सहमत नजर आते हैं. लेकिन बताया जा रहा है कि स्वयं सेवक संघ त्रिवेंद्र रावत की जमकर पैरवी कर रहा है.

बताया जा रहा है कि पिथौरागढ से विधायक प्रकाश पंत के नाम पर भी सहमति बन सकती है. भगत सिंह कोश्यारी के प्रकाश पंत का नाम आगे करने के बाद खंडूरी कैँप ने भी विरोध नहीं किया है. लेकिन अब जिस तरह कि खबरें आ रही हैं, उससे लगता है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी कम करके नहीं आंका जा सकता है. अगर आरएसएस की चली तो त्रिवेंद्र सिंह रावत भी उत्तराखंड में भाजपा का मुख्यमंत्री चेहरा हो सकते हैं. बताया जा रहा है कि दिल्ली में गुरुवार देर शाम तक सीएम के नाम पर फैसला लिया जा सकता है है.

कौन हैं त्रिवेंद्र सिंह रावत: त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार डोईवाला से जीतकर तीसरी बार विधायक बने हैं. रावत आरएसएस की पूष्ठभूमि से आते हैं. तीसरी बार विधायक बने त्रिवेंद्र सिंह रावत फिलहाल झारखंड के प्रभारी भी हैं. आरएसएस उत्तराखंड के सीएम के रूप में त्रिवेंद्र रावत की पैरवी कर रहा है.

इसके आलवा उत्तराखंड में पहले विधानसभा चुनाव में त्रिवेंद्र रावत 2002 और इसके बाद 2007 में विधायक बने. लेकिन रावत 2012 और उसके बाद डोईवाला में उपचुनाव हार गए.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में भी त्रिवेंद्र रावत शामिल रहे, लेकिन उनकी जगह तीरथ सिंह रावत को प्रदेश भाजपा की कमान मिली. इसके बाद टीम राजनाथ ने त्रिवेंद्र रावत को भाजपा का राष्ट्रीय सचिव और यूपी के सहप्रभारी बनाया गया. फिलहाल त्रिवेंद्र सिंह रावत झारखंड के प्रभारी भी हैं. आरएसएस उत्तराखंड के सीएम के रूप में त्रिवेंद्र रावत की पैरवी कर रहा है.

प्रकाश पंत : प्रकाश पंत का जन्म अविभाजित उत्तरप्रदेश के कुमाऊं मंडल के गंगोली हाट गांव में हुआ. पेशे से पंत पिथौरगढ़ के सरकारी अस्पताल में फार्मासिस्ट थे. इसके बाद प्रकाश पंत ने राजनीति में प्रवेश किया और पिथौरागढ़ नगर पालिका में पार्षद चुने गए.

इसके बाद उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) चुने गए. 9 नवंबर, 2000 को उत्तराखंड राज्य बनने के बाद अंतरिम सरकार में विधानसभा अध्यक्ष बने. साल 2002 राज्य के पहले आम चुनाव में प्रकाश पंत पिथौरागढ़ से विधायक चु़ने गए. इसके बाद 2007 में भी प्रकाश पंत ने पिथौरागढ़ से विधायक का चुनाव जीता और बीसी खंडूरी सरकार में संसदीय कार्यमंत्री बने. 2012 में प्रकाश पंत कांग्रेस के मयूक महर से विधानसभा का चुनाव हार गए. 2017 में एक बार फिर प्रकाश पंत पिथौरागढ़ से चुनाव जीते.