लखनऊ : उत्तर प्रदेश में करीब डेढ़ दशक के वनवास के बाद प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आयी भाजपा ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के तौर पर चुना है. गोरक्षपीठाधीश्वर आदित्यनाथ गोरखपुर से पिछले पांच टर्म से सांसद रहे हैं और उनकी छवि कट्टर हिंदूवादी नेता की रही है. शनिवार को लखनऊ में विधायक दल की बैठक में उन्हें अप्रत्याशित रूप से नेता चुने जाने के फैसले ने सभी को चौंका दिया.

बैठक में भाजपा के यूपी अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य और लखनऊ के मेयर दिनेश शर्मा को उप मुख्यमंत्री बनाने की भी घोषणा की   गयी. यूपी में योगी की सरकार रविवार को दोपहर सवा दो बजे शपथ लेगी. लखनऊ के स्मृति भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे.

योगी आदित्‍यनाथ आज दोपहर को मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लेंगे. लेकिन उससे पहले ही योगी सीएम अवतार में आ गये हैं. उन्‍होंने कल ही यूपी के डीजीपी सहित आला अफसरों को मिलने के लिए बुलाया और साफ कर दिया की जश्‍न के माहौल में उपद्रव कतई बर्दाश्‍त न किया जाए. उन्‍होंने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दे दिया है कि वे अपने जिले में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति पर नजर रखें. साथ ही उपद्रव किसी भी स्थिति में न होने दें.

योगी को यूपी का मुख्यमंत्री बनाना, ‘गंगा जमुना तहजीब’ पर हमला है : ओवैसी

ऑल इण्‍डिया मजलिस-ए-इत्‍तेहादुल मुस्‍लमीन (एआईएमआईएम) के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के फैसले को आड़े हाथ लिया है. उन्‍होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘‘न्यू इंडिया’ विजन का हिस्सा है. अपने विवादित बयानों से अक्सर सुर्खियों में रहने वाले ओवैसी ने कहा कि उन्हें योगी को मुख्यमंत्री बनाने के फैसले पर कोई हैरत नहीं हुई.

उन्होंने कहा कि यह फैसला भारत की सदियों पुरानी ‘गंगा जमुनी तहजीब’ पर हमला है. ओवैसी ने बताया, ‘‘यह मोदीजी और भाजपा का ‘न्यू इंडिया’ है. लेकिन यह जरा भी चौंकाने वाला नहीं है. समाजवादी पार्टी जब सत्ता में थी तो उसने मुस्लिमों को धोखा दिया. अब हम खास वर्ग के विकास का मॉडल देखेंगे. वे इसी ‘विकास’ की बातें तो करते हैं.’