कृषि मंत्री ने सूरजकुंड में दूसरे कृषि नेतृत्व सम्मेलन को संबोधित किया

रायपुर : कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि देश में कृषि की बेहतरी के लिए जैविक कृषि को बढ़ावा देना जरूरी। श्री अग्रवाल आज हरियाणा के सूरजकुंड में आयोजित दूसरे कृषि नेतृत्व सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री एस.एस. अहलुवालिया और हरियाणा के कृषि मंत्री ओ.पी. धनगड़ भी उपस्थित थे।
श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ नया राज्य है इसका गठन हुए 17 वर्ष ही हुए है पर इतने कम समय में ही देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। यहा 40 प्रतिशत भूमि पर वनक्षेत्र है और लगभग 50 प्रतिशत खेती  जैविक होती है। उन्होंने बताया कि राज्य के 27 जिलों में हर जिले में एक ब्लाक को पूर्ण रूप से जैविक बनाने पर कार्य किया जा रहा है। इसके लिए जैविक खेेती में रूचि लेेेने वाले किसानों को 20 हजार रूपये की सहायता राशि देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य बनाया है इसके लिए जैविक खेती को व्यापक रूप से अपनाना जरूरी है। इसके लिए युवाओं को कृषि के साथ जोड़ने के अलावा कृषि से जुड़ी नई तकनीकों को अपनाना होगा। कृषि मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बस्तर को जैविक कृषि क्षेत्र बनाने की पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ साथ पशुपालन और गौ पालन को बढ़ावा देना जरूरी। इसके लिए किसानों को प्रशिक्षित करना जरूरी होगा ताकि वे आय का अतिरिक्त जरिया विकसित कर सके। उन्होंने कृषि में गौ मूत्र के उपयोग को बढ़ावा देने की भी बात कही। श्री अग्रवाल ने समारोह स्थल में लगे कृषि मेले का अवलोकन भी किया।
उन्होंने कृषि मेले में उन्नत नस्ल के भैंसवंशीय और गौवंशीय पशुओं का अवलोकन किया और पशुपालकों से चर्चा कर छत्तीसगढ़ में उन्नत नस्ल के पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न जानकारियां प्राप्त की।