लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कैबिनेट सहयोगियों को निर्देश दिया कि वे 15 दिन के भीतर अपनी आय और चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा पार्टी एवं सरकार को उपलब्ध करायें.

योगी ने अपनी कैबिनेट की पहली बैठक की, जिसमें सदस्यों ने एक दूसरे को परिचय दिया। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा और सिद्धार्थनाथ सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘भ्रष्टाचार’ को समाप्त करने के संकल्प के तहत मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपनी आय और चल अचल संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा है.

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया, ‘‘सभी मंत्रियों को आय, चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा 15 दिन में संगठन को और मुख्यमंत्री के सचिव को देना है.’ दोनों मंत्रियों ने बताया कि नये विधायकों के प्रशिक्षण के लिए कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के नेतृत्व में एक कमेटी बनेगी, जिसमें प्रयास होगा कि सभी विधायकों की भलीभांति ‘ट्रेनिंग’ हो. ‘‘केंद्र के भी कुछ बड़े नेता आ सकते हैं. वे कक्षाएं लेंगे.’

उन्होंने बताया कि एक और कमेटी बनाने का फैसला किया गया है, जो देखेगी कि 325 विधायकों के साथ मंत्रिपरिषद के लोग किस प्रकार संपर्क में रहें और उनके क्षेत्र में जाकर किस तरह संपर्क रख सकें. संगठन और सरकार के तालमेल पर भी चर्चा की गयी.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा चुनावी रैलियों में भाजपा की सरकार बनने की स्थिति में पहली कैबिनेट बैठक में ही कुछ फैसले करने के उल्लेख पर दोनों मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि आज की बैठक औपचारिक कैबिनेट बैठक नहीं बल्कि ‘परिचय बैठक’ थी. ‘‘जो कहा गया है, पहली ही कैबिनेट में फैसला होगा.’ शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी कैबिनेट सदस्यों से आग्रह किया कि ‘जनादेश’ विकास के लिए मिला है. ये जनादेश बिजली, पानी, सड़क, कानून व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसान की बदहाली दूर करने तथा विकास और सुरक्षा के लिए मिला है.
साथ ही मुख्यमंत्री योगी ने मंत्रिपरिषद के सहयोगियों को नसीहत दी कि वे अनावश्यक टिप्पणी से बचें ताकि किसी की भावना आहत न हो. उत्तर प्रदेश ‘उत्तम प्रदेश’ बने, यही हम सबका संकल्प है.