शनि अमावस्या भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए विशेष दिन

शनिवार को इस बार शनि अमावस्या है। यह शनि अमावस्या खास है। ऐसी मान्यता है कि शनिवार के दिन स्नान, दान और पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होती है। तो आइए आपको शनि अमावस्या के बारे में बताते हैं।
 
शनि को न्याय का देवता माना जाता है। ऐसी मान्यता है साढ़े साती में शनि जातक के कर्मों का फल उसे देते हैं। इसलिए शनि को प्रसन्न करना जरूरी है इसके लिए शनि अमावस्या के दिन महत्वपूर्ण पूजन-अर्चन आवश्यक है। शनि अमावस्या के दिन विभिन्न शहरों में मौजूद शनि मंदिरों में पूजा के तरह-तरह के इंतजाम किए जाते हैं।
शनि अमावस्या का महत्व 
शनि अमावस्या या शिनिचरी अमावस्या भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए विशेष दिन होता है। इस वर्ष शनि अमावस्या तीन दिन पड़ रही है इसमें से एक है 5 जनवरी, दूसरी है 4 मई और तीसरी है 28 सितम्बर। 4 मई को पड़ने वाली शनि अमावस्या खास है। ऐसा माना जाता है शनि भगवान को खुश करने के लिए शनि अमावस्या का दिन अच्छा होता है। इस दिन पूजा-अर्चना करने से शनि की वक्री दृष्टि कम हो जाती है और जातक को सकारात्मक लाभ होते हैं।
 
विशेष लाभ के लिए क्या खास करें
शनि अमावस्या के दिन भैंस, काला कपड़ा, लोहा दान कर सकते हैं।
मंदिरों में सौंफ, काला तिल, सुरमा और लौध मिले हुए पानी से नहाएं।
शनिवार के दिन काले घोड़े की नाल को अपनी मध्यमा उंगली में पहने।
काला तिल, काली उड़द और काला बर्तन दान करें।
काले कुत्ते को तेल लागकर रोटी खिलाएं।
काली गाय को पूजा कर लड्डू खिलाएं।

शनि के साथ करें शिव की अराधना
शनि से सम्बन्धित सभी प्रकार के दोषों और उससे जुड़े कष्टों को दूर करने के लिए शनि देवता के साथ भगवान शिव की भी आराधना करें। इसके लिए आप शिव सहस्रनाम और शिव पंचाक्षरी का जाप करें। यही नहीं अगर शिव जी की पूजा-अर्चना करते हैं तो शनि से होने वाले नकारात्मक असर कुछ कम हो जाते हैं।
 
मंत्र जाप करें
शनि अमावस्या के दिन शनि से जुड़े मंत्रों की जाप करना भी फायदेमंद होता है। इसलिए ध्यान सुबह स्नान-ध्यान के साथ मंत्रों का जाप शुरु कर दें।
पीपल की पूजा करना होगा बेहतर
शनि अमावस्या के दिन पीपल की पूजा करने से बहुत लाभ होता है। अमावस्या के दिन पानी में चीनी या गुड़ मिलाकर पीपल में चढ़ाएं और दीपक जलाएं। यह प्रक्रिया अमावस्या के बाद भी जारी रखें आपको फायदा होगा।
 
हनुमान जी भी करते हैं दुखों को दूर
शनि से जुड़े कष्टों को दूर करने के लिए शिव जी के साथ हनुमान जी पूजा-अर्चना फायदेमंद होती है। इसके लिए आप मंदिर जाकर भगवान हनुमान को प्रसाद चढ़ा सकते हैं। इसके अलावा शनिवार को सुंदर कांड का पाठ भी आपकी परेशानियों को दूर करेगा।
 
अपराजिता के फूल हैं खास
शनि अमावस्या के दिन अपराजिता के फूलों की खास महत्ता है। अपराजिता के नीले फूल शनि भगवान को चढ़ाएं और तिल के तेल की दिया जलाएं। साथ में शनि स्रोत्र का पाठ भी करें।
 
प्रज्ञा पाण्डेय

Source: Astrology

Leave a Reply