आयुष्मान पैकेज से दांत का फ्री इलाज खतरे में

रायपुर
आयुष्मान पैकेज से दांत का फ्री इलाज खतरे में पड़ सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग को चिट्‌ठी लिखकर कहा है कि दांत के इलाज में सबसे ज्यादा फ्राड की गंुजाइश है। ऐसे में इसे बंद करना उचित होगा। दांत का इलाज बैन करने से स्मार्ट कार्ड की स्कीम को भी झटका लगेगा, क्योंकि जितने क्लेम हो रहे हैं, उसका 60 प्रतिशत दांत से संबंधित रहता है। यानी आयुष्मान स्कीम के तहत जितना इलाज किया जा रहा है, उसका आधे से ज्यादा केवल दांत से संबंधित बीमारी का उपचार है। स्वास्थ्य मंत्रालय की चिट्‌ठी में कई तरह के बदलाव की सिफारिश भी की गई है। पत्र में कहा गया है कि आयुष्मान से फ्री इलाज करवाने वाले सैकड़ों ऐसे लोग हैं।  

 जो राज्य कर्मचारी बीमा योजना के तहत भी फ्री इलाज की सुविधा प्राप्त कर रहे हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में बच्चों के दिल के इलाज के लिए भी अलग से स्कीम चल रही है। स्कूलों में इलाज का अलग सिस्टम है। इसके अलावा भी गरीबी रेखा से नीचे आने वालों का फ्री में इलाज किया जाता है।

टेढ़े मेढ़े दांत को सीधा करने का झांसा देकर सैकड़ों बच्चों के मुंह में लगाए तारछत्तीसगढ़ में दांत के इलाज में पिछले छह महीने पहले ही बड़ रैकेट फूटा था। अभपुनर इलाके के आधा दर्जन से अधिक गांव में केवल दो महीने के अंतराल में 14 सौ से ज्यादा बच्चों की मुंह में तार लगा दिए थे, जबकि इसकी जरूरत नहीं थी। भास्कर ने स्टिंग के जरिये इस रैकेट का भंडाफोड़ किया था। उसके बाद दो स्वास्थ्य विभाग की तीन-तीन टीमों ने जांच कर रिपोर्ट दी। उसी रिपोर्ट के आधार पर दो डाक्टरों को ब्लैक लिस्टेड करते हुए उनके अस्पताल को सील कर दिया था। बाद में उस अस्पताल की सारी शासकीय स्कीम को बंद कर दिया गया था।

Source: Uttarpradesh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *