इस दिवाली Go Green, जलाएं ग्रीन पटाखे

संडे को है और बच्चों ने पटाखों की मांग भी शुरू कर दी होगी। बच्चों के लिए दिवाली का मतलब ही होता है मिठाई और पटाखे, लेकिन बढ़ते पलूशन के कारण अगर हम पटाखों से तौबा कर लें तो ही बेहतर रहेगा। वैसे, अगर बच्चे जिद पर अड़ जाएं तो ऐसे में हमें उन्हें पटाखे जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में तो बताना ही है साथ ही बच्चों का मन भी रखना है। अब इसके लिए ग्रीन पटाखों से बेहतर क्या हो सकता है बच्चों का मन भी रह जाए और पलूशन भी न हो इसके लिए थोड़े-बहुत जला सकते हैं। हालांकि इन्हें भी ज्यादा मात्रा में न जलाएं।

क्या हैं ग्रीन पटाखे
ग्रीन पटाखे दिखने, जलाने और आवाज के मामले में ट्रडिशनल पटाखों जैसे ही होते हैं, लेकिन इन्हें जलाने पर पलूशन 30-40 फीसदी तक कम होता है। खास बात यह है कि ये पटाखे सिर्फ हमारे देश में ही तैयार किए गए हैं, दूसरे किसी देश में ये नहीं मिलते। इन पटाखों को नैशनल इन्वाइरनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टिट्यूट (NEERI) ने तैयार किया है। जहां आम पटाखों को जलाने पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली नाइट्रोजन और सल्फर जैसी गैसें ज्यादा निकलती हैं, वहीं ग्रीन पटाखों में ये कम मात्रा में निकलती हैं। इससे इन्वाइनमेंट को नुकसान कम पहुंचता है।

कैसे-कैसे पटाखे

पानी पैदा करने वाले पटाखे: ये पटाखे जलने के बाद पानी की बूंदें बनाते हैं, जिनमें सल्फर और नाइट्रोजन के कण घुल जाते हैं। इन्हें सेफ वाटर रिलीजर कहा जाता है। पानी से पलूशन कम करने में मदद मिलती है।

कम सल्फर, नाइट्रोजन और बेरियम वाले पटाखेः इन पटाखों को स्टार क्रैकर का नाम दिया गया है। इन्हें जलाने से सल्फर और नाइट्रोजन कम मात्रा में पैदा होती हैं। इन्हें खास तरह के केमिकल से तैयार किया जाता है।

अरोमा क्रैकर्सः इन पटाखों को जलाने से न सिर्फ नुकसानदेह गैसें कम पैदा होती हैं बल्कि ये बेहतर खुशबू भी बिखेरते हैं। ये बच्चों के साथ बड़ों को भी पसंद आते है।

कहां से लें ये पटाखे
ग्रीन पटाखे होलसेल मार्केट से ले सकते हैं। वहां ये कम दाम में मिल जाएंगे। लोकल दुकानदार भी इन्हें बेच रहे हैं, लेकिन उनसे ये थोड़े महंगे मिलेंगे। वैसे भी ग्रीन पटाखे आम पटाखों के मुकाबले करीब दोगुने रेट पर मिल रहे हैं।

कैसे पहचानें इन पटाखों को
– इनके पैकेट पर QR कोड और स्टिकर होता है।
– इनमें सल्फर की गंध नहीं होती।

दिवाली मनाने के अनोखे तरीके
वैसे, पटाखे जलाकर पलूशन बढ़ाने से अच्छा है कि हम कुछ और अनोखे तरीके से दिवाली मनाएं। कुछ बच्चों के आइडियाज ये हैं:
– गुब्बारे लें और उन्हें फोड़ें। पटाखों जैसी आवाज भी आएगी और पलूशन भी नहीं होगा।
– खूब सारे दिए जलाएं। चाइनीज लड़ियों के मुकाबले ये ज्यादा खूबसूरत लगते हैं।
– सुंदर-सी रंगोली बनाएं और उसके साथ पूरी फैमिली के साथ सेल्फी लें।
– कोई स्वादिष्ट डिश बनाएं। खुद भी घरवालों के साथ खाएं और पड़ोसियों और दोस्तों को भी खिलाएं।
– अगर आपके पड़ोस में कोई बुजुर्ग अंकल या आंटी अकेले रहते हैं तो उन्हें दिवाली पर अपने घर इन्वाइट करें और उनके साथ दिवाली मनाएं।

Source: Jara Hat Ke

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