मॉस्को: डॉनल्ड ट्रंप द्वारा सीरिया पर मिसाइल अटैक किए जाने का सबसे ज्यादा असर अमेरिका और रूस के संबंधों पर पड़ा है। विश्व की ये दो बड़ी महाशक्तियां सैन्य टकराव की स्थिति की ओर बढ़ती दिख रही हैं। US द्वारा शरयात एयरबेस पर 59 टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइल दागने के बाद अमेरिका और रूस का आपसी तनाव खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। रूस ने अमेरिका के साथ अपना हॉटलाइन संपर्क भी काट दिया है। इस हॉटलाइन का इस्तेमाल करके ही रूस और अमेरिका सीरिया में सीधी भिड़ंत से बचने के लिए अपनी-अपनी सैन्य कार्रवाई के बारे में एक-दूसरे को सूचित करते रहे हैं। रूस के प्रधानमंत्री दिमित्री मिदवेदेव ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि उसके द्वारा किए गए इस हमले के कारण मॉस्को और वॉशिंगटन के बीच सैन्य टकराव केवल एक इंच दूर रह गया है।

सीरिया में रूस बढ़ा रहा है अपनी सैन्य क्षमता-हथियार
रूस ने क्रूज मिसाइल्स से लैस अपने लड़ाकू जहाजों को ब्लैक सी से लाकर सीरिया के बंदरगाह पर तैनात करने का आदेश जारी किया है। इसके अलावा पुतिन ने सीरिया में पहले से ही बड़ी संख्या में तैनात सतह से हवा में मार करने वाली S-400 और S-300 मिसाइलों की नई खेप को भी तैनात करने का निर्देश दिया है। उन्होनें कहा है कि इन मिसाइलों और लड़ाकू विमानों को रूसी फौज और असद की सीरियन सेना की सुरक्षा के लिए तैनात किया जाएगा। साफ है कि रूस सीरिया में अपनी सैन्य क्षमताएं और मजबूत करने में जुट गया है।