रांची : जेपीएससी (छठी सिविल सेवा पीटी ) में आरक्षण को लेकर गड़बड़ी की शिकायतों  की जांच करायी जायेगी. इस पर कानूनी पहलुअों की पूरी जानकारी ली जायेगी. राज्य सरकार के आला अफसरों की बैठक में यह फैसला हुआ है. यह तय हुआ कि पहले इस मामले में पूरी कानूनी जानकारी ले ली जाये. इसके लिए महाधिवक्ता को हर पहलुअों पर गौर करने को कहा गया है.
उनसे कहा गया है कि वह इसके मामले को देख कर सरकार को इससे अवगत करायें. इसके बाद ही राज्य सरकार इस पर फैसला लेगी. बुधवार को राज्य की मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, कार्मिक के प्रधान सचिव, महाधिवक्ता, जेपीएससी के अफसर सहित अन्य अफसरों की उच्च स्तरीय बैठक हुई. बैठक में महाधिवक्ता से इस विषय पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ.
क्या है मामला
जेपीएससी की परीक्षा में बैठनेवाले विद्यार्थियों ने यह शिकायत की थी कि आरक्षित कोटे के होने के बावजूद उन्हें सामान्य कोटि के विद्यार्थियों से ज्यादा नंबर लाना पड़ रहा है. यानी सामान्य कोटि के विद्यार्थियों से ज्यादा नंबर लाने पर ही उन्हें सफल घोषित किया जा रहा है, जबकि सामान्य कोटि के विद्यार्थी कम मार्क्स लाने पर ही सफल हो रहे हैं. इस गड़बड़ी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री से मांग की गयी थी. विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मिल कर शिकायत की थी. इसके बाद ही मुख्यमंत्री के निर्देश पर आला अफसरों की बैठक हुई.
रिजल्ट प्रकाशन में कोर्ट के आदेश का हुआ पालन
बैठक में जेपीएससी की ओर से पक्ष रखा गया. बताया गया कि हाइकोर्ट द्वारा वर्ष 2015 में जेपीएससी को दिये गये निर्देश का पालन करने के लिए रिजल्ट निकाला गया गया है. इसमें जिस कोटि के जितने विद्यार्थी हैं, उससे 15 गुणा अधिक विद्यार्थियों को क्वालिफाइ कराया गया है. रिजल्ट प्रकाशन में हाइकोर्ट के आदेश का पालन किया गया है.