लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आरक्षण पर एक बड़ा फैसला ले लिया है. उत्तर प्रदेश के निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में पीजी कोर्स में अब आरक्षण नहीं दिया जाएगा. देश के सरकारी शिक्षण संस्थानों में ओबीसी, एससी और एसटी छात्रों को आरक्षण देने का प्रावधान है. लेकिन आरक्षण का यह नियम निजी संस्थानों और माइनॉरिटी स्टेटस वाले संस्थानों के लिए बाध्यकारी नहीं है.

अभी तक अनुसचित वर्ग के स्टूडेंट्स को एडमिशन में 21 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति को 2 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत और दिव्यांग श्रेणी के स्टूडेंट्स को 3 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलता था, लेकिन अब नए आदेश के लागू होने के बाद से उन्हें ये छूट नहीं मिलेगी. बता दें, निजी संस्थानों में आरक्षण की शुरुआत साल 2006 में पहली बार मुलायम सिंह यादव ने की थी.

गौरतलब है कि पूर्व अखिलेश सरकार ने इस आदेश को यूपी विधानसभा चुनाव में मतगणना से एक दिन पहले यानी 10 मार्च 2017 को जारी किया था. अब योगी सरकार नए सेशन से इस फैसले को लागू करेगी.