सहारानई दिल्ली : सहारा समूह को सुप्रीम कोर्ट से सबसे बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने सहारा के लोनावला स्थित एंबी वैली की नीलामी का आदेश सुनाया है. सहारा के निवेशकों को 300 करोड़ रूपए की किश्त जमा नहीं कराने पर कोर्ट ने ये कदम उठाया है. कोर्ट ने समूह के चेयरमैन सुब्रत रॉय को 28 अप्रैल को सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है.

फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए लोनावला स्थित एंबी वैली टाउनशिप प्रॉजेक्ट को जब्त करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने सहारा ग्रुप से ऐसी संपत्तियों की भी सूची मांगी थी जिन पर किसी तरह का कर्ज नहीं लिया गया हो. सितंबर 2012 में एंबी वैली की कीमत लगभग 34 हजार करोड़ रुपए लगाई गई थी.

इससे पहले, सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह से कहा था कि 17 अप्रैल तक अगर वह सेबी-सहारा रिफंड खाते में 5,092.6 करोड़ रुपए जमा नहीं कराता है, तो उसकी एंबी वैली नीलाम कर दी जाएगी. कोर्ट ने सहारा समूह को यह रकम जमा कराने का निर्देश दिया था.

सहारा चाहता था कि इस समय सीमा को आगे बढ़ाया जाए लेकिन कोर्ट इसके लिए तैयार नहीं हुआ. जस्टिस दीपक मिश्र की बेंच ने साफ कहा था कि इस मामले में अब और समय नहीं दिया जाएगा.

सहारा अब तक 11 हजार करोड़ रुपए जमा करा चुका है. इसमें से 6000 करोड़ रुपए सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुब्रत राय को जेल भेजने के बाद चुकाया गया है.

सहारा समूह के चेयरमैन सुब्रत राय और दो अन्य निदेशकों को समूह की दो कंपनियों सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्प लिमिटेड द्वारा 31 अगस्त, 2012 तक निवेशकों का 24,000 करोड़ रुपये का रिफंड करने के आदेश का पालन नहीं करने के लिए गिरफ्तार किया गया था.