विजय माल्यऩई दिल्ली :भारत छोड़कर पिछले एक साल से ब्रिटेन में रह रहे विजय माल्या को मंगलवार को ब्रिटेन में गिरफ़्तार किया गया। माल्या को धोखाधड़ी के आरोपों में विजय माल्य को प्रत्यर्पण के भारत सरकार के आग्रह पर गिरफ्तार किया गया। हालांकि वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने उसे कुछ घंटे के बाद जमानत दे दी।

माल्य पर भारतीय बैंकों का 9000 करोड़ रुपये का कर्ज न चुकाने का आरोप है। भारत में माल्या को ‘विल्फ़ुल डिफ़ॉल्टर’ घोषित किया गया है और ऐसे आरोप भी लगे हैं कि उन्होंने गिरफ़्तारी से बचने के लिए पिछले साल दो मार्च को देश छोड़ा था।

कभी अपने को ‘द किंग ऑफ गुड टाइम्स’ कहने वाले 61 वर्षीय माल्या को मंगलवार सुबह उस समय गिरफ्तार कर लिया गया जब वह मध्य लंदन पुलिस थाने में पेश हुआ।

स्कॉटलैंड यार्ड ने कहा, ‘मेट्रोपॉलिटन पुलिस की प्रत्यर्पण इकाई ने मंगलवार सुबह प्रत्यर्पण वारंट पर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। विजय माल्या को धोखाधड़ी के आरोप के सिलसिले में भारतीय अधिकारियों की ओर से गिरफ्तार किया गया। ’

पिछले महीने ब्रिटिश सरकार ने माल्या के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया के संबंध में भारत के आग्रह को प्रमाणित कर इसे आगे की कार्रवाई के लिए एक जिला न्यायाधीश के पास भेज दिया था।

ब्रिटेन से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में न्यायाधीश द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी करने सहित कई कदम शामिल होते हैं। वारंट के मामले में व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाता है और प्रारंभिक सुनवाई के लिए अदालत लाया जाता है। फिर विदेश मंत्री द्वारा अंतिम फैसला किए जाने से पहले एक प्रत्यर्पण सुनवाई होती है। वांछित व्यक्ति को किसी भी फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक उच्च अदालतों में अपील करने का अधिकार होता है।