सीएए और एनआरसी के विरोध में ओवैसी और मांझी एक साथ

ओवैसी ने वारिस पठान के मीडिया से बात करने पर लगा दी रोक

पटना : सीएए और एनआरसी को लेकर विपक्षी पार्टियों का विरोध दिन प्रतिदिन तेज होता जा रहा है. दलों के समीकरण बन और बिगड़ रहे है. बिहार में भी ऐसा ही एक समीकरण देखने को मिल रहा है जहाँ बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी साथ आ रहे है.

ओवैसी और मांझी के दोस्ताने के कई मायने  भी लगने लगे है. राजनीतिक दल इस प्रयोजनिक गठबंधन को अलग अलग दृष्टि से देख रहे है. कांग्रेस के नेता प्रेमचंद्र मिश्रा कहते हैं कि जीतन राम मांझी को ओवैसी की सभा में शामिल नहीं होना चाहिए. इससे बीजेपी को फायदा मिलेगा.वही कांग्रेस के अनुसार ओवैसी जहाँ भी जाते है लोगो भाजपा की तरफ हो जाते है, इससे भाजपा को साफ़ तौर पर फ़ायदा होता है.

वही जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा की मांझी को ओवैसी की सभा में जाने की जरुरत ही नहीं है क्योकि बिहार में एनआरसी लागू नहीं होगा. यह बात तो स्वयं मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने भी कही है.

इधर सीएए और एनआरसी के विरोध में ओवैसी और मांझी एक साथ आने को लेकर जीतनराम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रवक्ता राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉक्टर दानिश रिजवान मांझी के ओवैसी के साथ सभा करने के सवाल पर कहते हैं कि देश की हर वो पार्टी जो एनआरसी और सीएए का विरोध करती है उसके साथ जीतन राम मांझी हैं.

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