भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय मंत्रीमण्डल का वाहनों से लालबत्ती निकालने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि मैं और मेरी टीम तुरंत इस पर अमल करेगी। उन्होंने कहा कि लॉ एण्ड आर्डर की स्थिति में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी बत्ती का उपयोग कर सकेंगे।

श्री चौहान ने कहा कि संतों के आशीर्वाद और प्रदेशवासियों के सहयोग से माँ नर्मदा को दुनिया की शुद्धतम नदी बनायेंगे। माँ नर्मदा के कारण ही गेहूँ के उत्पादन में हम पंजाब और हरियाणा से आगे निकल सकें हैं। माँ नर्मदा हमें अपने जल से जहाँ जीवन देती है, वहीं रात को रोशनी भी देती है। श्री चौहान ने कहा कि 2 जुलाई को माँ नर्मदा के दोनों तट पर 12 करोड़ पौधे लगाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि पौध-रोपण के लिये राजस्व और वन-भूमि चिन्हित कर ली गयी है। मध्यप्रदेश में नशामुक्ति का आंदोलन चलेगा। उन्होंने कहा कि अब रिहायशी इलाकों, शिक्षण संस्थाओं और धार्मिक स्थलों के पास शराब की दुकानें नहीं खुलेंगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान नर्मदा सेवा यात्रा में जबलपुर जिले के नगर पंचायत बरेला में जन-संवाद को संबोधित कर रहे थे।

अभियान में आगे संत उसके बाद समाज और फिर सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान में आगे संत उसके बाद समाज और फिर सरकार है। उन्होंने कहा कि हमने माँ ताप्ती, बेतवा और क्षिप्रा की धार को टूटते हुए देखा है। अगर माँ नर्मदा की धार टूटी तो जीवन नहीं बचेगा। मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि शौच के लिये नर्मदा नदी में नहीं जायें। अंत्येष्टि मुक्तिधाम में ही करें, सिर्फ एक चुटकी राख ही नर्मदा में प्रवाहित करें। मुख्यमंत्री ने बताया कि अगामी मानसून सत्र में मासूमों के साथ दुराचार करने वालों को फाँसी की सज़ा देने संबंधी विधेयक लाया जायेगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यात्रा नर्मदा को बचाने और उसका कर्ज उतारने की यात्रा है। नर्मदा के दोनों तटों के शहरों में ट्रीटमेंट प्लांट बनाये जाएंगे तथा साफ पानी को खेतों में ले जाया जायेगा। उन्होंने संकल्प दिलवाया कि नर्मदा के तटों पर पेड़ लगायें, इसके किनारे के गाँवों में हर घर में शौचालय बनायें, पूजन-सामग्री पूजन कुण्ड में डालें। नर्मदा के किनारे चेंजिंग-रूम और तटों से दूर मुक्तिधाम बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को बचायें और हर बच्चे को स्कूल भेजें।

जगतगुरू स्वामी रामानंदाचार्य रामभद्राचार्य ने यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि यात्रा अपने उद्देश्यों को जरूर पूरा करेगी।
यात्रा के बरेला पहुँचने पर ग्रामीणों ने भारी उत्साह-उमंग, आस्था और श्रद्धा भाव के साथ तथा महिलाओं ने सिर पर कलश लेकर यात्रियों का स्वागत किया। यात्रा में बच्चे, बुजुर्ग, महिलाओं सहित हर वर्ग के लोग शामिल हुए। यात्रा में हुए ‘हर-हर नर्मदे’ के उदघोष से आसमान गूँज उठा। इसके बाद माँ नर्मदा की महाआरती की गई। इस मौके पर चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री शरद जैन, विधायक श्री सुशील तिवारी ‘इन्दु’, श्रीमती प्रतिभा सिंह और श्रीमती नंदिनी मरावी सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।