रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज दोपहर यहां राजधानी के इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रीराम कथा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह के साथ श्रद्धा के साथ रामकथा सुनी। उन्होंने श्रीराम चरित मानस पर माल्यार्पण कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा। डॉ. सिंह ने रामकथा सुना रहे संत श्री मोरारी बापू का प्रदेश की जनता की ओर से हार्दिक अभिनंदन करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ के कण-कण में मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम की महिमा विद्यमान है। देश और दुनियां के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी रामकथा का सतत प्रवाह बना रहता है। गांव-गांव में हर्षोल्लास के साथ रामायण पाठ का आयोजन किया जाता है। लोग न सिर्फ रामचरित मानस श्रद्धा के साथ सुनते हैं, अपितु भगवान श्रीराम के आदर्शों का अपनी जीवन पद्धति में अनुसरण करने की कोशिश भी करते हैं। श्रीराम कथा आयोजन समिति, रायपुर द्वारा 15 से 23 अप्रैल तक रामकथा का आयोजन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा – छत्तीसगढ़ माता-कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। वनवास के दौरान भगवान श्रीराम के चरण कमल छत्तीसगढ़ की पुण्य धरती पर पड़े। भगवान श्रीराम ने वनवासियों के साथ छत्तीसगढ़ में काफी समय व्यतीत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शांति और भाई-चारा का वातावरण भगवान राम और संतों की कृपा से ही संभव हो सका है। छत्तीसगढ़ में सभी वर्गों के बीच सद्भाव पूरे देश के लिए एक मिसाल है। मुख्यमंत्री ने कहा संतों के आशीर्वाद से आज छत्तीसगढ़ विकसित राज्यों की श्रेणी में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास आम आदमी के जीवन में परिवर्तन लाने का है। राज्य सरकार ने प्रदेश के 60 लाख गरीब परिवारों को खाद्य और पोषण सुरक्षा प्रदान करते हुए उनके लिए दो वक्त के भरपेट भोजन का इंतजाम किया है। डॉ. सिंह ने संत श्री मोरारी बापू से छत्तीसगढ़ पर अपना आशीर्वाद बनाये रखने का आग्रह किया। उन्होंने श्री मोरारी बापू से बस्तर अंचल में भी रामकथा के लिए समय निकालने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लगभग 25 वर्ष बाद और छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 17 वर्ष बाद मोरारी बापू यहां आए हैं। मुख्यमंत्री ने उनसे आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ को समय-समय पर उनके सानिध्य में रामकथा सुनने का सौभाग्य मिलता रहे। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह इस अवसर पर रामायण आरती में शामिल हुए। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री अमर अग्रवाल, खाद्य मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले, लोक निर्माण मंत्री श्री राजेश मूणत, और छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री देवजीभाई पटेल सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।