भारत ने दुनिया को वैश्विकरण की राह पहले ही दिखा दी है : शिवराज

भोपाल :मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वैश्विकरण भारत की माटी में है और भारत ने दुनिया को वैश्विकरण की राह बहुत पहले ही दिखा दी है। हमारे देश में वह सारी खूबियाँ मौजूद हैं, जो इसकी अगुवाई करने के लिए जरूरी हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज पूरी दुनिया में भारत की साख और धाक जमी है। हमारे पास नीति, निर्णय एवं नीयत की समृद्ध पूँजी है, जो वैश्विकरण में विश्व का नेतृत्व करने में सक्षम है। श्री चौहान आज नई दिल्ली में भारतीय औद्योगिक परिसंघ (सी.आई.आई.) द्वारा आयोजित वार्षिक सत्र में ”वैश्विकरण का भविष्य-क्या भारत नेतृत्व कर सकता है” पर बोल रहे थे।

श्री चौहान ने बताया कि भारत एक वैश्विक लीडर के रूप में उभरकर आया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में पॉलिसी पैरालाइसिस खत्म हुआ है। कई क्षेत्रों में विदेशी निवेश के लिए द्वार खोल दिये गये हैं। प्रधानमंत्री के मजबूत नेतृ्त्व में डिजिटल इंडिया, स्टैंड अप इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, विमुद्रीकरण और जीएसटी लागू करने जैसे क्रांतिकारी और ऐतिहासिक निर्णयों से देश तेजी से बदल रहा है। मध्यप्रदेश भी कंधे से कंधा मिलाकर आगे चल रहा है।

श्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने निवेश के लिए केबिनेट कमेटी का गठन किया है, जो निवेश के लिए प्राप्त प्रस्तावों का निरीक्षण कर शीघ्र पारित करेगी। इससे निवेशकों को प्रदेश में निवेश करने के लिए किसी प्रकार की कठिनाई नहीं आ सके। ”ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” के लिए अनेक सकारात्मक निर्णय लिये गये हैं। श्री चौहान ने निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया और साथ ही उनसे सलाह और सुझाव भी माँगे।

श्री चौहान ने कहा कि सन् 2003 में जब हम सत्ता पर काबिज हुए थे तब मध्यप्रदेश एक बीमारू राज्य के रूप में जाना जाता था और बिजली, सड़क, पानी के मुद्दे पर ही हम सरकार में आये थे। उस समय बिजली कुछ ही समय के लिए आती थी। सड़क नाम-मात्र के लिए भी नहीं थी और पीने के पानी की समस्या भी बनी हुई थी। अब मध्यप्रदेश में सवा लाख किलोमीटर की सड़कों का जाल बिछा हुआ है। ऊर्जा क्षमता 4000 मेगावाट से बढ़कर 19 हजार मेगावाट हो गयी है। मध्यप्रदेश अब पावर सरप्लस स्टेट हो गया है। सोलर पावर के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश ने नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। रीवा में 750 मेगावाट क्षमता का विश्व का सबसे बड़ा सोलर प्लांट स्थापित किया है, जो केवल 2.97 रूपये प्रति यूनिट की दर से दिया जाएगा। सिंचाई के रकबे में भी काफी वृद्धि हो गयी है। सिंचिंत भूमि प्रदेश में 400 लाख हेक्टेयर हो गयी। इसके कारण कृषि के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किये गये हैं। प्रदेश को लगातार पाँचवीं बार कृषि कर्मण अवार्ड से नवाजा गया है। खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए भरसक प्रयास किये गये हैं। खाद्य प्र-संस्करण उद्योग के लिए नई नीति बनायी गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के चहुँमुखी विकास के लिए मध्यप्रदेश सरकार कटिबद्ध है। राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण वन विभाग को छोड़कर सभी विभागों में किया है। लाड़ली लक्ष्मी जैसी योजनाओं से प्रदेश की हर लड़की लाभान्वित हुई है। प्रदेश में गरीब कल्याण एजेंडा के तहत निचले से निचले तबके को लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि पर्यावरण और नदी संरक्षण के क्षेत्र में 148 दिन की नर्मदा सेवा यात्रा शुरू की गयी है। इससे नदी के जल को स्वच्छ रखने के प्रयास किये गये हैं। नर्मदा के दोनों तरफ फलदार पेड़ लगाना, टॉयलेट का निर्माण, वातावरण को दूषित नहीं करने के प्रयास किये गये हैं। यह विश्व में नदी संरक्षण का सबसे बड़ा अभियान है। श्री चौहान ने बताया कि आगामी 2 जुलाई को पर्यावरण को बनाये रखने के लिए लाखों लोग करोड़ों पेड़ लगायेंगे।

मध्यप्रदेश देश में पहला राज्य है, जिसने आनंद मंत्रालय का गठन किया है। यह अपने आप में एक अनूठा मंत्रालय है। इसके जरिये व्यक्तियों को खुश रखने के गुरू-मंत्र दिये जायेंगे। कौशल विकास के क्षेत्र में अगले वित्त वर्ष से हर साल साढ़े सात लाख युवाओं को सशक्त बनाया जायेगा और उनके लिए रोजगार की व्यवस्था की जायेगी। इसके लिए कई नई योजनाएँ चलायी गयी हैं, जैसे मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री कौशल्या योजना, क्रॉफ्टमेन ट्रेनिंग स्कीम आदि।

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