योगी से मिला आश्वासन, अंतिम संस्कार को राजी शहीद का परिवारआ

देवरिया: जम्मू-कश्मीर आतंकी हमले में शहीद हुए 2 जवानों के शव मंगलवार को उनके गांव पहुंच गए। यूपी के शहीद जवान प्रेम सागर का शव जब उनके गांव पहुंचा तो उनके परिवार वालों की नाराजगी लगातार बढ़ती चली गई और उन्होंने अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। इसके बाद कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने शहीद के बेटे की बात मुख्यमंत्री से फोन पर करवाई जिसके बाद परिवार वाले अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। मुख्यमंत्री ने 13 दिन के अंदर गांव आने का आश्वासन दिया। गांव में पिता के नाम पर शहीद स्मारक बनाने की बेटे की मांग पर भी विचार करने का आश्वासन दिया। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने राज्य सरकार की आेर से प्रेम सागर के परिवार वालों को 20 लाख रूपए की आर्थिक मदद का चेक सौंपा।

जानकारी के अनुसार सीमा सुरक्षा बल के शहीद हेड कांस्टेबल प्रेम सागर का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचने पर वहां जमा भीड़ ने पाकिस्तान विरोधी नारेबाजी की। भारतीय वायुसेना का हेलीकाप्टर शहीद प्रेम सागर (45) का पार्थिव शरीर लेकर शाम पुलिस लाइन पहुंचा। वहां से उसे एंबुलेंस से उनके गांव टीकमपार ले जाया गया जो जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर भाटपाररानी थाना क्षेत्र में है।

क्या कहना है शहीद की बेटी का?
प्रेम सागर के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने उन्हें अश्रुपूरित श्रद्घांजलि दी। सागर के निधन के बाद उनकी बेटी सरोज ने कहा कि उनके पिता शहीद हैं और वह एक सिर के बदले 50 सिर मांगती हैं। प्रेम सागर की अंतिम यात्रा के समय वहां मौजूद भीड आक्रोशित थी और लगातार पाकिस्तान विरोधी नारे लगा रही थी।

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी सैनिकों ने कश्मीर में भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर प्रेम सागर पर हमला किया, जिसमें वह शहीद हो गए। पाकिस्तानी सैनिकों ने उनके शव को क्षत विक्षत भी कर डाला था। वह और सेना के जवान परमजीत सिंह पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर दो चौकियों के बीच गश्त कर रहे थे, जब पाकिस्तानी सैनिकों ने मोर्टार, बम और गोलियों से हमला बोला तो हमले में सिंह भी शहीद हो गए।

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