पटना. आयकर की छापेमारी के तीन दिन बाद शुक्रवार को राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने भाजपा पर जम कर हमला बोला. संवाददाताओं से उन्होंने कहा कि पटना के गांधी मैदान में 27 अगस्त को आयोजित रैली से बीजेपी और उसकी लंका को ध्वस्त कर दिया जायेगा. बीजेपी   का सपना और एजेंडा 2024 है, लेकिन हमारा एजेंडा तो 2019 है.

महागठबंधन का बिहार मॉडल ही देश को बचायेगा. उनको गद्दी से भी उतारेगा. लालू ने भविष्यवाणी की, भाजपा अपना पहला कार्यकाल भी पूरा नहीं कर पायेगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सब मामले में फेल हो गयी है, इसलिए प्रतिद्वंद्वी के यहां रेड कराया जा रहा है. मुकदमे में फंसाया जा रहा है. पर, बीजेपी के इस तरह की गीदड़भभकी से हम डरनेवाले नहीं हैं.

लालू प्रसाद अपने परिवार पर लग  रहे भ्रष्टाचार के आरोपों और महागठबंधन पर उठ रहे सवालों पर बेबाक अंदाज  में कहा, यही लक्ष्य है कि गठबंधन कैसे तोड़ा जाये. लालू प्रसाद को छेड़ो  और नीतीश कुमार को जाकर बताओ. मतलब यही है कि लोग टूट जाएं. भ्रष्टाचारी तो  बीजेपी वाला है. इतने घोटाले हुए. चुनाव में पैसा पानी की तरह बहाया. यह  पैसा कहां से आया है? उन्होंने कहा, मेरे परिवार ने तो कोई घोटाला नहीं  किया है. जो भी मामला है, वह आयकर विभाग और चुनाव आयोग के पास है.

सबकुछ  डिसक्लोज्ड (घोषित) है. उसी को निकाल-निकाल को रोज बोल रहा है. कुछ मीडिया  ने सुपारी ली है. उन्होंने बताया कि दिल्ली में गिटोरनी हाउस मेरा नहीं,  प्रेमचंद गुप्ता का है. फ्रेंड्स कॉलोनी में पुराना मकान तोड़ कर बना रहा  है. रही बात पटना में बननेवाले मॉल की, तो उससे हमें किराया मिलेगा और  हजारों को रोजगार मिलेगा. आखिर उसमें लुंगी और गंजी कौन बेचेगा. यह पूछे  जाने पर कि गरीब का बेटा लालू प्रसाद अब मॉलवाला और बिजनेसमैन लालू प्रसाद  हो गये हैं, उनका जवाब था कि हम आज भी दूध बेचते हैं. मॉलवाले की क्या बात  है. जमीन हमारी कंपनी का है, जबकि बिल्डर उसे तैयार कर रहा है. उसमें उसका  भी हिस्सा शामिल है.

उन्होंने कहा कि जब-जब भाजपा सत्ता में आयी है. पाकिस्तान का झंड़ा कश्मीर में लहराया है. अटल जी की सरकार में कारगिल तक पहुंच गया. इधर, पाकिस्तानी सेना भारतीय सीमा में घुस कर सैनिकों का सिर काट कर चली गयी. केंद्र में बैठे लोग डरपोक और कायर हैं. इनसे देश की रक्षा नहीं हो सकती. कहां गया 56 इंच का सीना?
ट्वीट से भी वार
1  छापा..छापा…छापा…छापा..छापा…किसका  छापा…किसको छापा? छापा तो हम मारेंगे 2019 में. मैं दूसरों का हौसला  डिगाता हूं, मेरा कौन डिगाएगा?

2 अचक डोले..कचक डोले..खैरा- पीपल कभी ना डोले  (मतलब मुझे कोई डिगा नहीं सकता). अंगद की तरह पैर गाड़ के खड़ा हूं. बीजेपी को चैन से नहीं रहने दूंगा.